आलोट के बेगुनिया गांव में कुछ ग्रामीणों ने 70 हेक्टेयर के तालाब से अपने खेतों तक पानी पहुँचाने के लिए 1000 फीट लंबी और 8 फीट गहरी अवैध नहर खोद दी। इस नहर की वजह से तालाब की दीवार कमजोर हो गई है, जिससे कई गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
जल संसाधन विभाग ने मौके पर पहुँचकर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की, जबकि जेसीबी और दूसरा ट्रैक्टर मौके से भाग निकला। अधिकारियों ने थाने में शिकायत तो की लेकिन FIR दर्ज कराए बिना लौट आए। इस पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई और कहा कि विभाग की यह लापरवाही भविष्य में भारी नुकसान करा सकती है।

जांच में सामने आया कि इससे 4.5 लाख रुपए का सिंचाई राजस्व भी प्रभावित हुआ है। विभाग ने भूतिया के दिलीप सिंह, मनुनिया के देवीलाल, राणायरा के जगन्नाथ और बबलेश पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और जान-माल के खतरे की आशंका का आरोप लगाया है।
थाना प्रभारी शंकर सिंह चौहान का कहना है कि विभाग जब चाहे रिपोर्ट दर्ज करवा सकता है, लेकिन समय रहते सख्त कार्रवाई जरूरी है।




