- फिजिकल वेरिफिकेशन का निर्णय
- श्रमिक संवाद पदयात्राएं
- योजनाओं की जमीनी सच्चाई
- आदिवासी व महिलाओं से संवाद

मध्यप्रदेश में कांग्रेस पार्टी ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्र व राज्य सरकार की ग्रामीण योजनाओं जैसे मनरेगा और जल जीवन मिशन की जमीनी सच्चाई जानने का निर्णय लिया है। इसके तहत अब योजनाओं का फिजिकल वेरिफिकेशन कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
फिजिकल वेरिफिकेशन का निर्णय
भोपाल के गांधी भवन में आयोजित ‘सर्वोदय संकल्प शिविर’ के समापन अवसर पर मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राजीव गांधी पंचायती राज संगठन (RGPR) को यह जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने कहा कि संगठन के सदस्य ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर योजनाओं की सच्चाई जानें और रिपोर्ट तैयार करें।
इस शिविर में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी, RGPR के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील पंवार, सीताराम लांबा और प्रदेश अध्यक्ष मोना कौरव सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल रहे।
श्रमिक संवाद पदयात्राएं
मोना कौरव ने बताया कि कांग्रेस शासनकाल में शुरू की गई मनरेगा योजना आज संकट में है। वर्तमान भाजपा सरकार इस योजना को कमजोर कर रही है। गांवों में मजदूरों को काम नहीं मिल रहा, जबकि भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि दो महीने के अंदर ‘श्रमिक संवाद पदयात्राएं’ शुरू की जाएंगी। इन पदयात्राओं में RGPR संगठन के कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर मजदूरों से सीधा संवाद करेंगे और उनकी समस्याएं जानेंगे।
योजनाओं की जमीनी सच्चाई
जीतू पटवारी ने सभी जिला अध्यक्षों और प्रदेश पदाधिकारियों से कहा है कि वे मनरेगा, जल जीवन मिशन, PDS, आंगनवाड़ी, स्कूल शिक्षा और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं जैसी योजनाओं की फिजिकल स्थिति की रिपोर्ट तैयार करें।
- किस योजना में कितनी पारदर्शिता है
- ग्रामीणों को क्या लाभ मिल रहा है
- कहाँ भ्रष्टाचार या कुप्रबंधन की शिकायतें हैं
इन जानकारियों को कांग्रेस पार्टी संगठनात्मक स्तर पर एकत्रित कर आगे की रणनीति बनाएगी।
आदिवासी व महिलाओं से संवाद
शिविर में इस बात पर भी विशेष चर्चा हुई कि आदिवासी और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को सरपंच या अन्य पदों पर चुनकर तो भेजा गया है, लेकिन उन्हें स्थानीय प्रभावशाली लोगों द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है।
कांग्रेस संगठन इन महिलाओं से संवाद करेगा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पार्टी स्तर पर प्रयास करेगा। साथ ही इन घटनाओं की डिटेल रिपोर्ट तैयार कर पार्टी मुख्यालय भेजी जाएगी।
कांग्रेस द्वारा योजनाओं के फिजिकल वेरिफिकेशन की यह पहल आगामी चुनावी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। यह न सिर्फ जनता से जुड़ाव का माध्यम बनेगी, बल्कि योजनाओं में व्याप्त खामियों को उजागर कर भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास भी होगा।
मनरेगा, जल जीवन मिशन, PDS जैसी योजनाओं को लेकर जनता के फीडबैक पर आधारित यह रिपोर्ट पार्टी की नीति और घोषणापत्र निर्माण में भी उपयोगी होगी।




