ग्वालियर में इंटरनेट से सीखी चालाकी से 12वीं फेल युवक ने लोगों को बेवकूफ बनाया।
ग्वालियर से सामने आया है ऐसा फ्रॉड जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। 12वीं फेल युवक ने इंटरनेट की मदद से ठगी का ऐसा जाल बुना जिसमें पढ़े-लिखे और समझदार लोग भी फंस गए।
- ठगी का तरीका
- कैसे करता था लोगों को शिकार
- भिंड में लगे फर्जी पोस्टर
- IAS के नाम से फर्जी आदेश
- पुलिस जांच और खुलासे
युवक खुद को CBI अधिकारी बताकर मेट्रिमोनियल साइट से लड़कियों के नंबर निकालता, फिर उनके घर लग्जरी गाड़ी से पहुंचता। हूटर, VIP प्लेट और अफसर कार्ड दिखाकर भरोसा जीतता और लाखों की ठगी करता।

आरोपी मनोज श्रीवास उर्फ मोहित सिंह ने यह सब कुछ सोशल मीडिया और यूट्यूब के जरिए सीखा था। फर्जी ID कार्ड, फर्जी नेम प्लेट और अफसरों का स्टाइल अपना लिया था।
भिंड में उसने अपने फर्जी पद की घोषणा खुद कर डाली। सड़कों पर बड़े-बड़े होर्डिंग लगाए, जिसमें खुद को कैबिनेट मंत्री बताया गया। मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री की फोटो भी पोस्टर में डाली।

फर्जी आदेश भी वायरल किया जिसमें IAS अधिकारी के नाम से फर्जी नियुक्ति की चिट्ठी थी। इस चिट्ठी में कई अशुद्धियां थीं, जो दर्शाती हैं कि यह जालसाजी का हिस्सा है।
गाड़ी में मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष की प्लेट लगाकर वह घूमता था। लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने, ठेका पास कराने और मंत्रालय में काम करवाने का झांसा देता था।
एक शिकायत पर ग्वालियर के मॉल से पुलिस ने उसे पकड़ा। पूछताछ में सामने आया कि वह पहले भी कई लोगों को ठग चुका है। आगरा में भी उसने चार लाख की ठगी की थी।
उसके पास से फर्जी कार्ड, नेम प्लेट, और दस्तावेज जब्त किए गए हैं। पुलिस अब और भी मामलों की छानबीन कर रही है।
इस मामले से स्पष्ट है कि सोशल मीडिया और तकनीक के दुरुपयोग से कोई भी व्यक्ति बड़ी ठगी कर सकता है।




