आज IPL 2025 का पहला प्लेऑफ मैच खेला जाएगा, लेकिन इस बार का नज़ारा बिल्कुल अलग है। IPL 2025 तुलना में एक बात साफ नजर आई—पिछले साल प्लेऑफ में पहुंची चार में से तीन टीमें इस बार टॉप-4 में जगह नहीं बना पाईं। केवल RCB ही दोनों सीजन में प्लेऑफ तक पहुंचने में सफल रही। बड़े स्कोर कम, पर 200+ का ट्रेंड बरकरार

2024 में जहां 6 बार टीमें 250 से ज्यादा रन बना पाई थीं, वहीं 2025 में यह कारनामा सिर्फ दो बार हुआ। दोनों बार यह कमाल SRH ने किया, जो इस बार छठे स्थान पर रही। हालांकि, 200+ स्कोर की बात करें तो इस सीजन रिकॉर्ड 48 बार टीमें यह आंकड़ा पार कर गईं, जो पिछले सीजन के 41 के मुकाबले ज्यादा है।
रन रेट स्थिर, लेकिन बैटिंग औसत में सुधार
दोनों सीजन में रन रेट लगभग बराबर रहा—2024 में 9.61 और इस बार 9.60। लेकिन बैटिंग औसत 29.86 से बढ़कर 30.50 हो गया, यानी बल्लेबाज अब विकेट गंवाने से पहले ज्यादा रन बना रहे हैं।
पंजाब का सबसे तेज रन रेट
2025 में पंजाब किंग्स ने 10.10 के रन रेट से सबसे तेज बैटिंग की और टेबल में टॉप पर रही। SRH और गुजरात का रन रेट भी काफी अच्छा रहा, लेकिन SRH प्लेऑफ में नहीं पहुंच सकी। दिलचस्प बात ये रही कि जिन टीमों ने धीमी बैटिंग की—चेन्नई, कोलकाता, दिल्ली—वो सभी बाहर हो गईं।
सेंचुरी कम, फिफ्टी ज्यादा
2024 में कुल 14 शतक लगे थे, जो इस बार घटकर 9 रह गए। हालांकि, हाफ सेंचुरी की संख्या 122 से बढ़कर 138 हो गई। SRH के 3 और LSG के 2 खिलाड़ियों ने शतक लगाए, लेकिन दोनों टीमें प्लेऑफ की दौड़ से बाहर रहीं।
छक्के और चौकों की बारिश, फिर भी बाहर
2025 में कुल 1217 छक्के और 2138 चौके लगे, जो पिछले सीजन से ज्यादा हैं। सबसे ज्यादा छक्के LSG (152) और RR (146) ने लगाए, लेकिन दोनों टीमें प्लेऑफ से बाहर रहीं। इस बार LSG के निकोलस पूरन ने सबसे ज्यादा 40 छक्के लगाए, जबकि पिछले साल यह रिकॉर्ड SRH के अभिषेक शर्मा के नाम था (41 सिक्स)।
टॉस बना गेमचेंजर
इस बार टॉस जीतने वाली टीमों ने 60% मुकाबले जीते, जबकि 2024 में यह आंकड़ा सिर्फ 45% था। टॉस जीतकर बैटिंग करने वाली टीमों को इस बार 73% मुकाबलों में जीत मिली, जो पिछले साल सिर्फ 41% थी।
लेफ्ट हैंडर्स का जलवा
राइट हैंड बैटर्स की संख्या ज्यादा रही लेकिन सेंचुरी कम रहीं (सिर्फ 3)। वहीं, लेफ्ट हैंडर्स ने कम संख्या में होते हुए भी 6 शतक और 50 फिफ्टी जड़ीं। इससे साफ है कि इस सीजन लेफ्टी बल्लेबाजों ने बाज़ी मारी।
स्पिनर्स ने किया कमाल
पिछले सीजन में पेसर्स ने ज्यादा विकेट लिए थे, लेकिन इस बार स्पिनर्स ने 291 विकेट लेकर सबको चौंका दिया। पेसर्स ने इस बार 489 विकेट झटके—पिछले साल से कम। स्पिनर्स की इकोनॉमी भी लगभग समान रही (8.86), पर विकेटों में भारी इजाफा हुआ।





