
- उज्जैन में दो जगहों पर अलग-अलग ठगी की घटनाएं
- महिला से सोने के कड़े और बैंक मैनेजर से चेन-अंगूठी ठगी
- दोनों घटनाओं में आरोपियों ने खुद को पुलिस बताया
- सीसीटीवी फुटेज से जांच में जुटी पुलिस
- उज्जैन चेन स्नेचिंग ठगी का यह अब तक का बड़ा मामला
उज्जैन चेन स्नेचिंग ठगी की दो वारदातों ने शहरवासियों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शुक्रवार शाम शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में दो लोगों से लाखों के जेवरात ठग लिए गए। ठगी की इन घटनाओं में दोनों बार आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर आम नागरिकों को झांसे में लिया।
महिला से कड़े उतरवाकर ठगी
नानाखेड़ा थाना क्षेत्र के काला पत्थर इलाके में उज्जैन चेन स्नेचिंग ठगी की पहली घटना सामने आई। बसंत बिहार निवासी आशा आडवाणी जब अपने घर लौट रही थीं, तभी दो युवक उन्हें रास्ते में रोककर बोले कि वे पुलिसकर्मी हैं। उन्होंने कहा कि आगे स्नेचिंग की घटनाएं हो रही हैं, इसलिए जेवर उतारकर सुरक्षित रखें।
यही नहीं, उन्होंने चार तोला सोने के कड़े उतरवाकर एक पुड़िया में बंद कर दिए और महिला को सौंपकर वहां से चले गए। जब महिला घर पहुंची और पुड़िया खोली, तो उसमें सिर्फ पत्थर थे।
पुलिस जांच में जुटी
घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें दो युवक महिला से बातचीत कर रहे हैं। वीडियो में दिख रहा है कि एक बदमाश बाइक पर साथी का इंतजार कर रहा है। पुलिस इस घटना की जांच में जुटी है और मान रही है कि दोनों घटनाएं आपस में जुड़ी हैं।
बैंक मैनेजर को भी बनाया शिकार
उज्जैन चेन स्नेचिंग ठगी की दूसरी घटना ऋषिनगर निवासी बैंक मैनेजर सतीश कुमार गुप्ता के साथ हुई। वह मोटरसाइकिल पर सवार होकर मोहन नगर जा रहे थे, तभी नगर निगम के पास दो युवकों ने उन्हें पुलिस बताकर रोका। एक तीसरा व्यक्ति दूर बुलेट पर खड़ा था।
आरोपियों ने सतीश कुमार को शहर में चेन स्नेचिंग की घटनाओं की जानकारी दी और उनसे गले में पहने सोने की चेन, पेंडल, ब्रेसलेट और तीन अंगूठियां उतारकर जेब में रखने को कहा। उन्होंने जेवरात लेकर पुड़िया में बांधकर लौटा दी, पर घर पहुंचने पर वह भी नकली निकली।
शिकायत दर्ज, CCTV साक्ष्य
सतीश कुमार ने रात में थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। यह उज्जैन की सबसे संगठित ठगी में से एक मानी जा रही है। सीएसपी श्वेता गुप्ता के मुताबिक, जांच तेजी से चल रही है।
पहचान और सुरक्षा में लापरवाही
इन दोनों मामलों में सबसे बड़ी बात यह रही कि आरोपी बिना किसी दस्तावेज या पहचान के पुलिसकर्मी बनकर लोगों को ठगते रहे। इससे साफ होता है कि शहर में आम लोगों को जागरूक करने की जरूरत है ताकि कोई उज्जैन चेन स्नेचिंग ठगी जैसी घटनाओं का शिकार न बने।
कैसे बचें ऐसी ठगी से?
- पुलिस पहचान पत्र की मांग करें
- भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में अकेले जेवर न पहनें
- अनजान लोगों की बातों में न आएं
- ठगी की आशंका हो तो तुरंत 100 डायल करें
पुलिस की कार्यवाही और सतर्कता
पुलिस ने घटनास्थलों की पड़ताल शुरू कर दी है और कई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकाली गई है। लोगों को सतर्क रहने और किसी भी अजनबी पर तुरंत विश्वास न करने की सलाह दी जा रही है।
इन दोनों मामलों ने उज्जैन चेन स्नेचिंग ठगी की बढ़ती घटनाओं की ओर प्रशासन का ध्यान खींचा है। अब देखना यह है कि पुलिस कितनी जल्दी इन आरोपियों तक पहुंच पाती है।
इस घटना के बाद यह ज़रूरी हो गया है कि लोग जागरूक रहें और पुलिस प्रशासन भी नियमित गश्त को प्राथमिकता दे।




