इंदौर, 29 जुलाई: शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में बुजुर्गों और व्यापारियों को लक्ष्य बनाकर ठगी करने वाले गिरोह के बारे में पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई है। क्राइम ब्रांच के एडीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि अब तक चार घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें संदिग्धों द्वारा पुलिसकर्मी या तांत्रिक बनकर लोगों को ठगा गया है।
हालिया घटनाओं में यह बात सामने आई है कि ठग गिरोह बुजुर्गों को विशेष रूप से निशाना बना रहा है। वे अपने को पुलिस अधिकारी या पूजा-पाठ से जुड़े व्यक्ति बताकर लोगों को बहला-फुसलाकर उनसे कीमती वस्तुएं और नकदी ठग लेते हैं।
मुख्य घटनाएं: विस्तार से विश्लेषण
1. पलासिया क्षेत्र की घटना
पलासिया क्षेत्र में रहने वाले एक वरिष्ठ नागरिक प्रकाशचंद्र जैन, जो कि आभूषण व्यापारी हैं, प्रवचन सुनने के लिए एक्टिवा से जा रहे थे। रास्ते में बाइक पर सवार दो व्यक्तियों ने उन्हें रोककर खुद को पुलिस बताकर तलाशी का बहाना किया।
उन्होंने जैन को बताया कि आगे चोरी की घटना हुई है और सुरक्षा के लिए अंगूठियाँ उतारकर रुमाल में रखें। बातचीत के दौरान एक ठग ने रुमाल को खुद बांधने का बहाना बनाकर उसमें से अंगूठियाँ निकाल लीं। बाद में जब व्यापारी ने रुमाल चेक किया तो उसमें अंगूठियाँ नहीं थीं।
2. द्वारकापुरी की घटना
17 जुलाई को द्वारकापुरी क्षेत्र में अनुराग जैन, जो कि एक टी कंपनी के संचालक हैं, के साथ एक व्यक्ति दुकान पर आकर पूजा और तांत्रिक शक्तियों की बात करने लगा।
उस व्यक्ति ने अनुराग से दोनों हाथों की अंगूठियाँ उतरवाकर 100 रुपए के साथ पर्स में रखने को कहा। फिर उसने दुकान का गल्ला खुद खोलकर अंगूठियाँ रखने का बहाना किया और गल्ला बंद करके चला गया। कुछ देर बाद जब गल्ला चेक किया गया तो उसमें से अंगूठियाँ गायब थीं।
3. दो अन्य वारदातें: बुजुर्ग महिलाओं के साथ
इसके अतिरिक्त, दो अन्य घटनाओं में अलग-अलग थाना क्षेत्रों में बुजुर्ग महिलाओं को नकली पुलिसकर्मी बनकर गहने उतरवाने को कहा गया। एक घटना में पीड़ित महिला से कहा गया कि इलाके में अपराध हुआ है और जांच के लिए जेवर रुमाल में रखें।
इन घटनाओं में ठगों ने मौखिक दबाव, डर और चालाकी से बुजुर्गों को अपनी बातों में उलझाकर गहने ठग लिए।
पुलिस की जांच की दिशा
एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि पुलिस को अब तक की जांच में इन वारदातों के पीछे एक ही समूह का हाथ होने की संभावना है। सीसीटीवी फुटेज के जरिए पुलिस ने कुछ संदिग्धों की गतिविधियों की पहचान की है।
फिलहाल, अलग-अलग थाना क्षेत्रों की पुलिस टीमों को संभावित स्थानों पर रवाना किया गया है। क्राइम ब्रांच की टीम इस समय प्रत्यक्ष रूप से जांच में नहीं है, परंतु तकनीकी सहायता और मुखबिर तंत्र के माध्यम से पुलिस जांच को आगे बढ़ा रही है।
सीसीटीवी में दिखाई गई मोटरसाइकिल की पहचान करने का प्रयास जारी है। इसके अलावा, गिरोह के आने-जाने की लोकेशन, समय और पैटर्न पर भी विश्लेषण किया जा रहा है।

एडवाइजरी और नागरिकों से अपील
इन घटनाओं को ध्यान में रखते हुए इंदौर पुलिस द्वारा नागरिकों, विशेषकर बुजुर्गों को लेकर एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की गई है। इसमें साफ कहा गया है कि:
- पुलिस कभी भी लोगों से गहने या नकदी उतरवाकर रुमाल या बैग में रखने के लिए नहीं कहती।
- यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिसकर्मी या तांत्रिक बताकर इस प्रकार की बात करता है, तो उसकी सूचना तुरंत डायल 100 या नजदीकी थाने को दें।
- बुजुर्गों को अकेले यात्रा करने से पूर्व किसी परिवारजन को सूचित करना चाहिए।
- गहने पहनकर सुनसान मार्गों या अज्ञात व्यक्तियों के साथ बातचीत से बचना चाहिए।
यह एडवाइजरी पुलिस की ओर से एक सतर्कता भरा कदम है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।
इंदौर में बुजुर्गों को निशाना बनाने वाले गिरोह की गतिविधियों ने पुलिस को अलर्ट कर दिया है। हालांकि अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन सीसीटीवी फुटेज, मुखबिरों की जानकारी और सटीक रणनीति के साथ पुलिस आगे बढ़ रही है।
यह घटनाएं दर्शाती हैं कि कैसे धोखेबाज स्वयं को पुलिस या धार्मिक आस्थाओं से जोड़कर मासूम लोगों को निशाना बनाते हैं। आवश्यकता है सतर्कता और जागरूकता की, ताकि ऐसे अपराधियों को समाज में जगह न मिले।




