- भैंस प्रदर्शन के जरिए सरकार को जगाने की पहल
- मॉनसून सत्र का राजनीतिक दृश्य
- हरदा लाठीचार्ज व मूंग खरीदी विवाद पर कांग्रेस की नज़र
- विधायक प्रश्न और बजट सत्र की स्थिति
भोपाल: मध्यप्रदेश की राजनीति इस सप्ताह विधान सभा परिसर में रंगारंग रही, जब कांग्रेस विधायकों ने दूसरे दिन **“MP विधानसभा भैंस प्रदर्शन”** के नाम से चर्चा बटोरी। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में एक विधायक ने **भैंस का वेश** धारण किया, जबकि अन्य ने उसके आगे बीन बजाकर सरकार को जगाने की प्रतीकात्मक कोशिश की।
विवादास्पद प्रदर्शन के पीछे अहम शिकायतें

कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि राज्य की बीजेपी सरकार ओबीसी को 27% आरक्षण नहीं दे रही, बेरोजगारी चरम पर है, और जब भी सवाल उठते हैं—सरकार चुप्पी साध लेती है। इसलिए उन्होंने यह प्रदर्शन एक लोकतांत्रिक चेतावनी के रूप में पेश किया।
हरदा व देवास विवादों को लेकर चली चुनौती
कांग्रेस ने 13 जुलाई को हरदा में छात्रावास में हुए लाठीचार्ज और देवास के खिवनी में आदिवासियों के घर गिराने की कार्रवाई पर भी सरकार से जवाब मांगा।
मूंग खरीदी और खाद वितरण में उठे सवाल
बारिश से खराब सड़कें, अनियमितताएं मूंग खरीद में, खाद बांटने में—ये सभी मुद्दे कांग्रेस सत्र उपस्थियों में जोर-शोर से उठाने की रणनीति बना रही है।
सत्र में उठेंगे ये सवाल
3377 सवाल—2076 ऑनलाइन, 1301 ऑफलाइन पूछे गए हैं। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, अशासकीय संकल्प और शून्यकाल सूचनाएं भी जोर-शोर से उठाई जाएँगी। इस दौरान तीन सरकारी विधेयक और अनुपूरक बजट भी पेश किए जाएंगे।
प्रतिबंधित प्रदर्शन और विपक्ष की प्रतिक्रिया
भले ही विधानसभा अध्यक्ष द्वारा स्टैंडिंग ऑर्डर 94(2) के तहत प्रदर्शन और नारेबाजी पर पूरी रोक लगाया गया हो, कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका मानना है कि यह आदेश सत्ता से काम लेने का प्रयास है
कांग्रेस का कहना है कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों को जनता की आवाज़ सदन में उठाने का अधिकार है—and वे इसे देने से पीछे नहीं हटेंगे।




