इंदौर। महाकाल मंदिर में गर्भगृह प्रवेश को लेकर विवादों में आए बीजेपी विधायक गोलू शुक्ला ने अपनी सफाई दी है। उन्होंने दावा किया कि दर्शन प्रशासन की अनुमति से हुए थे और बेटे रुद्राक्ष को बेवजह निशाना बनाया गया है।

शुक्ला बोले – 25 साल से यात्रा कर रहे, अब क्यों विवाद?
गोलू शुक्ला ने कहा, “हमारी कावड़ यात्रा 25 साल से चल रही है, आज तक कोई विवाद नहीं हुआ। सभी श्रद्धा से भगवान महाकाल के दर्शन करते हैं। CCTV कैमरे लगे हैं, जबरन एंट्री संभव ही नहीं।”
देवास मंदिर के मामले को भी बताया बेबुनियाद
इससे पहले चैत्र नवरात्रि में रुद्राक्ष पर देवास के चामुंडा मंदिर में पट बंद होने के बावजूद प्रवेश का आरोप लगा था। इस पर गोलू शुक्ला ने कहा, “देवास में कोई विवाद नहीं हुआ, वो भी मीडिया द्वारा बढ़ाया गया मसला था।”
बीजेपी संगठन ने दी चेतावनी
घटनाओं के बाद पार्टी नेतृत्व ने गोलू शुक्ला को तलब किया। उन्हें बेटा संभालने की नसीहत दी गई। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने स्पष्ट किया कि संगठन को अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं है।
“बेटे के साथ हूं” बयान ने बढ़ाया विवाद
29 जुलाई को विधानसभा में शुक्ला ने कहा, “मैं बेटे के साथ हूं।” उनके इस बयान के बाद ही पार्टी का रुख सख्त हुआ। संगठन ने कहा कि वे सार्वजनिक रूप से गलत को समर्थन न दें।
रुद्राक्ष का वीडियो वायरल, विरोध बढ़ा
रुद्राक्ष द्वारा पोस्ट किया गया वीडियो जिसमें वे गर्भगृह के बाहर दिखे, सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद विवाद और तेज हो गया।
मुख्यमंत्री से अस्पताल निर्माण पर चर्चा
विधायक शुक्ला ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से इंदौर संभाग में 1400 बिस्तर वाले अस्पताल और कान्ह नदी की सफाई जैसे प्रोजेक्ट्स पर बात की। उन्होंने कहा कि यह संभाग की जरूरत है और वे इसके लिए पूरी तरह सक्रिय हैं।
महाकाल और देवास मंदिर विवादों में घिरे विधायक गोलू शुक्ला ने बेटे का बचाव किया है। उन्होंने मंदिर प्रशासन की अनुमति का हवाला दिया और बेटे पर लगे आरोपों को झूठा बताया है।




