
डायल 100 से अब डायल 112: नया हेल्पलाइन नंबर
ग्वालियर में पुलिस सहायता के लिए अब 112 नंबर डायल करना होगा। पहले की तरह डायल 100
नई टेक्नोलॉजी से लैस बोलेरो और स्कॉर्पियो
FRV यूनिट्स को अब नई बोलेरो और स्कॉर्पियोGPS ट्रैकरडिजिटल वायरलेस
इसके अतिरिक्त, ग्वालियर पुलिस के लिए एक स्थानीय सर्वर रूम
इंटीग्रेटेड क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम की शुरुआत
ग्वालियर में अपराध नियंत्रण के लिए इंटीग्रेटेड क्रिमिनल जस्टिस सिस्टमपुलिस, अस्पताल, अदालत और जेल
इससे केस हैंडलिंग प्रक्रिया पारदर्शी और तेज होगी, जिससे आरोपी पर जल्द से जल्द कार्रवाई संभव हो सकेगी।
साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए अलग थाना
ग्वालियर में 60% अपराध साइबर क्राइमअलग से साइबर क्राइम थाना
पहले केवल क्राइम ब्रांच की एक छोटी सी साइबर सेल ही जांच करती थी, लेकिन अब नई साइबर पुलिस यूनिट बनाकर इसे मजबूत किया जा रहा है। लोकल थानों से जुड़ी यह यूनिट खास तौर पर डिजिटल अपराधों पर नजर रखेगी।
CCTV नेटवर्क और ट्रैफिक नियमों की निगरानी
शहर में अपराध और ट्रैफिक निगरानी के लिए 450 नए CCTV कैमरे217 कैमरे
100 कैमरेANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर)
एसएसपी धर्मवीर सिंह: सुरक्षा व्यवस्था को नया रूप दे रहे
एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि “ग्वालियर पुलिस को आधुनिक बनाया जा रहा है। नए उपकरणों, वाहन तकनीक और साइबर थाने से अपराधियों पर नियंत्रण आसान होगा।”
उन्होंने बताया कि यह पहल केवल वर्तमान अपराध नियंत्रण के लिए नहीं बल्कि भविष्य में संभावित डिजिटल अपराधों से मुकाबला करने के लिए भी की जा रही है।
जनता से सहयोग की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे 112 नंबर को याद रखें और ज़रूरत पर तत्काल कॉल करें। साथ ही, ट्रैफिक नियमों का पालन करें ताकि शहर में सुरक्षित वातावरण बना रहे।
ग्वालियर पुलिस की यह डिजिटल पहल आने वाले समय में सुरक्षा व्यवस्था को स्मार्ट बनाएगी। डायल 112 सेवा से आपातकालीन सहायता तेज़ होगी, साइबर थाना से डिजिटल अपराधों पर रोक लगेगी, और CCTV निगरानी से शहर हर क्षण निगरानी में रहेगा। ग्वालियर पुलिस अब एक कदम आगे बढ़ चुकी है—सुरक्षा, तकनीक और तत्परता के रास्ते पर।




