
इंदौर। शुक्रवार को कांग्रेस कार्यालय गांधी भवन में शहर और जिला कांग्रेस समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं मप्र कांग्रेस के सह प्रभारी संजय दत्त ने की। बैठक में संगठन सृजन, आगामी नेतृत्व और पार्टी के सांगठनिक ढांचे पर विचार विमर्श किया गया।
अध्यक्ष पद के लिए चार से पांच नामों की पैनल तैयार
संजय दत्त ने स्पष्ट किया कि इंदौर कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए केवल एक नहीं बल्कि चार से पांच नामों की सूची तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को भेजी गई है। इन नामों का चयन पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर किया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही इनमें से किसी एक नाम पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा, लेकिन शेष नामों को भी संगठन में ज़िम्मेदारियां मिलेंगी।
राहुल गांधी के संगठन सृजन अभियान पर चर्चा
बैठक में राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रहे संगठन सृजन अभियान पर भी चर्चा हुई। संजय दत्त ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य कांग्रेस संगठन को निचले स्तर तक सशक्त बनाना है। उन्होंने मतदाता सूची निरीक्षण की महत्ता को भी रेखांकित किया और कहा कि इसमें चूक से भाजपा को लाभ मिलता है।
समन्वय समिति की भूमिका और आवश्यक बैठकें
संजय दत्त ने कहा, “समन्वय समिति शहर और जिला कांग्रेस के लिए नीति निर्धारण का प्रमुख मंच है। इसकी बैठकें हर महीने अनिवार्य रूप से होना चाहिए ताकि संगठनात्मक समीक्षा और रणनीतिक योजना बन सके।”
अनुशासन और संयम कांग्रेस की शक्ति: सज्जन सिंह वर्मा
बैठक में उपस्थित पूर्व मंत्री और एआईसीसी सचिव सज्जन सिंह वर्मा ने कार्यकर्ताओं से संयम और अनुशासन की अपेक्षा जताई। उन्होंने कहा, “कांग्रेस कार्यकर्ता की पहचान उसका वैचारिक समर्पण और अनुशासन है, जो संगठन को मजबूती देता है।”
वर्तमान अध्यक्ष का अनुभव और सुझाव
शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्ढा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “आगामी समय संगठन के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। जो भी नया अध्यक्ष बनेगा, उसे सभी को साथ लेकर चलना होगा और संघर्ष के रास्ते पर सफलता की ओर बढ़ना होगा।”
- शहर और जिला कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चार से पांच नामों की सूची तैयार।
- पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर नामों का चयन।
- राहुल गांधी के संगठनात्मक दिशा-निर्देशों पर चर्चा।
- मतदाता सूची निरीक्षण पर विशेष जोर।
- समन्वय समिति की मासिक बैठक की आवश्यकता दोहराई गई।
अगले कदम और संगठनात्मक रणनीति
सूत्रों के अनुसार, अगली कुछ बैठकों में इंदौर कांग्रेस अध्यक्ष की घोषणा हो सकती है। जातीय समीकरण, संगठन के प्रति निष्ठा और कार्यकर्ताओं से जुड़ाव जैसे कारकों को ध्यान में रखकर निर्णय लिया जाएगा।
इसके साथ ही, आगामी नगर निगम और विधानसभा चुनाव की तैयारी के तहत बूथ स्तर पर संगठन निर्माण और प्रशिक्षण शिविरों की रूपरेखा भी बनाई गई है
इस बैठक के माध्यम से यह स्पष्ट संकेत मिला कि कांग्रेस संगठन अब अनुशासन, संगठनात्मक शक्ति और ज़मीनी कार्यकर्ताओं के बल पर इंदौर में अपनी जड़ें और मजबूत करना चाहता है। अध्यक्ष पद को लेकर मंथन इसी दिशा में उठाया गया एक अहम कदम है।




