ग्वालियर हाईकोर्ट में डॉ. अंबेडकर प्रतिमा को लेकर वकील दो धड़ों में बंटे, मामला अब प्रशासन तक पहुंचा।
ग्वालियर में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। ग्वालियर हाईकोर्ट में अंबेडकर प्रतिमा विवाद अब कोर्ट परिसर से निकलकर सामाजिक और राजनीतिक बहस का रूप ले रहा है।
जहां एक ओर वकीलों का एक समूह मूर्ति लगाने को लेकर सक्रिय है, वहीं बार एसोसिएशन इसे सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का उल्लंघन मान रहा है।
विवाद की शुरुआत और बढ़ती टकराव की स्थिति
19 फरवरी 2025 को कुछ वकीलों ने तत्कालीन चीफ जस्टिस को ज्ञापन सौंपकर प्रतिमा लगाने की मांग की थी। अनुमति मिलने के बाद ढांचा तैयार हो गया, लेकिन इस प्रक्रिया में बार एसोसिएशन को शामिल नहीं किया गया। इसी कारण विरोध शुरू हो गया।
विवाद अब जातिगत विवाद की ओर बढ़ गया है। भीम सेना और आजाद समाज पार्टी ने महापंचायत की घोषणा की है, लेकिन प्रशासन ने किसी भी तरह की सभा या रैली पर रोक लगा दी है।
प्रशासन की कार्रवाई
ग्वालियर जिला प्रशासन ने कहा है कि कोई भी राजनीतिक एजेंडा कोर्ट परिसर में लागू नहीं होने दिया जाएगा। प्रतिमा की सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात है।




