उज्जैन के महिदपुर कस्बे में शुक्रवार को गणेश भगवान की सवारी के दौरान अचानक विवाद खड़ा हो गया। परंपरागत धार्मिक आयोजन में लव जिहाद पर आधारित एक झांकी रखी गई थी। जैसे ही यह झांकी मोती मस्जिद के पास पहुंची, वहां मौजूद कुछ युवकों ने उस पर पथराव कर दिया। पत्थरबाजी की वजह से माहौल बिगड़ गया और पूरे इलाके में तनाव फैल गया। पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभाला और हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ा।

विवाद की वजह बनी झांकी
हर साल गणेश सवारी में विभिन्न मुद्दों पर सजाई जाने वाली झांकियों को लोग उत्साह से देखते हैं। इस बार एक झांकी लव जिहाद के विषय पर तैयार की गई थी। झांकी में पुतले को टोपी, दाढ़ी और बुर्का पहनाकर दिखाया गया था। इसी बात से वर्ग विशेष के लोग नाराज हो गए। उन्हें लगा कि समाज को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। इसको लेकर विवाद तेजी से बढ़ा और मामला पथराव तक पहुंच गया।
प्रदर्शन और प्रशासन से बातचीत
घटना के बाद मुस्लिम समाज के 200 से ज्यादा लोग तहसील कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन करने लगे। उन्होंने मांग की कि झांकी में दिखाए गए पुतले से विवादित वस्त्र तुरंत हटाए जाएं। मौके पर पहुंचे एसडीएम ने उन्हें आश्वस्त किया कि बदलाव किए जाएंगे और आपत्ति दर्ज करने के लिए आवेदन भी मांगा। लेकिन कुछ युवा इस पर भड़क उठे और वहां से नाराज होकर लौट गए।
स्थिति पर पुलिस का नियंत्रण
उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं। लोगों को उनके घर भेज दिया गया है। एहतियात के तौर पर इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रमुख चौक-चौराहों और धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो सके।

भीड़ पर काबू पाने के लिए बल प्रयोग
जुलूस के दौरान पथराव से माहौल तनावपूर्ण हो गया था। बड़ी संख्या में लोग अचानक इकट्ठा हो गए थे। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करके भीड़ को वहां से हटाया। देर शाम तक इलाके में चहल-पहल बनी रही लेकिन धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो गई।
सवारी में हजारों की मौजूदगी
गणेश सवारी में इस बार बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। अनुमान है कि एक हजार से ज्यादा लोग जुलूस का हिस्सा बने। विवाद के बावजूद सवारी को बीच में नहीं रोका गया। प्रशासन ने विवादित हिस्से में बदलाव करवाकर सवारी को आगे बढ़ाया ताकि धार्मिक परंपरा प्रभावित न हो।
प्रशासन की सख्ती और अपील
अधिकारियों ने साफ कहा है कि शांति भंग करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और आपसी सौहार्द बनाए रखें। सोशल मीडिया पर भड़काने वाली पोस्ट पर भी प्रशासन की नजर है।



