देश में कोविड-19 के एक्टिव केस 4000 पार, कोर्ट ने केंद्र से मांगी नीति की जानकारी, ICMR ने बताए 4 नए वैरिएंट
देश में कोविड-19 की स्थिति एक बार फिर चिंताजनक होती जा रही है। अब तक कुल 38 मौतें दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें से 31 केवल बीते चार दिनों में हुई हैं। सबसे अधिक मौतें महाराष्ट्र में हुई हैं। संक्रमण अब तक 11 राज्यों तक फैल चुका है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने महामारी से निपटने की नीति पर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा है कि 2023 में बनी सैंपलिंग और ट्रांसपोर्ट पॉलिसी लागू क्यों नहीं हो रही है। साथ ही अगली लहर की आशंका को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
केंद्र सरकार की ओर से सभी राज्यों को सतर्क किया गया है और ICU बेड, ऑक्सीजन प्लांट और मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता की समीक्षा की गई है। कोविड प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
ICMR और INSACOG की रिपोर्ट के अनुसार देश में चार नए वैरिएंट सामने आए हैं, जिनमें JN.1 और NB.1.8.1 प्रमुख हैं। JN.1 को सबसे सामान्य वैरिएंट माना जा रहा है, जो बहुत तेज़ी से फैलता है और इम्यून सिस्टम को कमजोर करता है।
JN.1 के सामान्य लक्षणों में तेज़ बुखार, लगातार खांसी, सांस लेने में दिक्कत, और थकावट शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह वैरिएंट लंबे समय तक लक्षण पैदा कर सकता है।
IDSP ने आम जनता को घबराने के बजाय सतर्क रहने की सलाह दी है। मास्क पहनना, सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना और समय-समय पर हाथ धोना अभी भी सबसे प्रभावी उपाय माने जा रहे हैं।




