उज्जैन: सुप्रीम कोर्ट के पुराने आदेश के बाद वर्षों से रुक चुके निर्माण कार्यों को लेकर अब नगर निगम उज्जैन ने बड़ा निर्णय लिया है। महाकाल मंदिर से 500 मीटर के दायरे में अब मकान निर्माण की वैध अनुमति दी जाएगी।

2020 के आदेश में संशोधन
2020 में सुप्रीम कोर्ट ने महाकाल मंदिर के आसपास अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। इसके तहत तत्कालीन निगम आयुक्त ने निर्माण पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। पर अब 2025 में नए आदेश के तहत संशोधन करते हुए वर्तमान निगम आयुक्त आशीष पाठक ने यह अनुमति दी है।
रहवासियों को मिली राहत
पुराने और जर्जर मकानों के मालिक पिछले कई वर्षों से निर्माण की अनुमति की प्रतीक्षा कर रहे थे। नए आदेश के अनुसार अब वे नक्शा पास करवाकर वैध निर्माण कर सकेंगे।
रहवासियों की प्रतिक्रियाएं
- राकेश पाठक: “मेरा मकान 1980 में बना था, अब बेहद जर्जर हो चुका है। यह फैसला मेरे जैसे सैकड़ों लोगों के लिए राहत है।”
- विशाल शर्मा: “पिछले डेढ़ साल से नगर निगम के चक्कर काट रहा हूं, अब उम्मीद जगी है।”
- संजय शाह: “मकान का एक हिस्सा गिर चुका है, निर्माण की अनुमति मिलना बहुत ज़रूरी था।”
इन क्षेत्रों को मिलेगा लाभ
महाकाल मार्ग, जयसिंहपुरा, जवाहर मार्ग, तकिया मस्जिद और नूतन स्कूल जैसे क्षेत्र प्रत्यक्ष रूप से लाभांवित होंगे।
अतिक्रमण पर सख्ती जारी
नगर निगम की टीमें अस्थायी और अवैध निर्माण पर कड़ी निगरानी बनाए रखेंगी। बिना अनुमति के निर्माण पर सीलिंग की कार्रवाई भी जारी रहेगी।
निष्कर्ष: सुप्रीम कोर्ट के पुराने आदेश में संशोधन कर अब स्थानीय निवासियों को संविधानिक और प्रशासनिक राहत दी गई है। यह उज्जैन नगर विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।




