शिवपुरी सीवर हादसा: 15 वर्षीय बच्ची उत्सविका की दर्दनाक मौत, चार घंटे चला रेस्क्यू


हादसे की जानकारी: खेलते हुए सीवर में समा गई मासूम जिंदगी

शिवपुरी शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित संतुष्टि अपार्टमेंट में शनिवार रात 8 बजे के करीब एक दिल दहला देने वाली घटना हुई। अपार्टमेंट निवासी व्यापारी देवेंद्र भदौरिया की 15 वर्षीय बेटी उत्सविका सीवर टैंक में गिर गई। बच्ची कॉलोनी में अपने छोटे भाई और अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी, तभी वह जर्जर ढक्कन पर चढ़ गई और ढक्कन टूट जाने से सीधे सीवर में जा गिरी।

हादसे के तुरंत बाद कॉलोनी में हड़कंप मच गया। बच्चों ने चिल्लाकर लोगों को बुलाया और तब जाकर पूरे इलाके को जानकारी मिली। उत्सविका का भाई भी उसके पीछे ही था, जिसे एक व्यक्ति ने समय रहते पकड़ लिया, जिससे वह भी हादसे का शिकार होने से बच गया।

रेस्क्यू ऑपरेशन: चार घंटे तक चला संघर्ष

स्थानीय लोगों ने तुरंत नगर पालिका, पुलिस और SDERF (State Disaster Emergency Response Force) को सूचना दी। कुछ ही समय में टीम मौके पर पहुंची और करीब चार घंटे लंबा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।

सीवर टैंक में उतरकर खोजबीन की गई, लेकिन गंदे पानी और गैस के कारण कार्य में कठिनाई आ रही थी। सीवर की गहराई करीब 15 फीट थी, और उसमें पानी भरा हुआ था। उत्सविका की केवल चप्पलें पानी में तैरती हुई दिखाई दीं।

रात 12:40 बजे बच्ची का शव बाहर निकाला गया। उस वक्त पूरे कॉलोनी में सन्नाटा पसरा हुआ था और परिजन सदमे में थे। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया।

सीवर टैंक की खराब हालत: लापरवाही की खुली पोल

स्थानीय लोगों ने बताया कि अपार्टमेंट में कई जगह सीवर टैंक खुले पड़े हैं या उनके ढक्कन पूरी तरह जर्जर हैं। इन पर बच्चों का रोज आना-जाना होता है। पहले भी शिकायत की गई थी, लेकिन न तो कॉलोनी प्रबंधन और न ही नगरपालिका ने कोई ठोस कदम उठाया।

15 फीट गहरा सीवर टैंक कई डुप्लेक्स के बीच स्थित था। जिस टैंक में उत्सविका गिरी, वह भी लंबे समय से खुला पड़ा था या उसका ढक्कन बेहद कमजोर था। यह हादसा एक बड़ी प्रशासनिक चूक को उजागर करता है।

स्थानीय लोगों का आक्रोश: अपार्टमेंट प्रबंधन पर उठे सवाल

घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया है। परिजनों ने अपार्टमेंट प्रबंधन पर सीधा आरोप लगाया है कि उन्होंने बार-बार शिकायतों के बावजूद सीवर ढक्कनों को नहीं सुधारा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय पर मरम्मत कर दी गई होती तो आज यह हादसा नहीं होता।

लोगों ने मौके पर हंगामा किया और नगर निगम अधिकारियों को बुलाया। कुछ लोगों ने दोषियों पर FIR की मांग की है और प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।

प्रशासन की जिम्मेदारी और संभावित कार्रवाई

नगर निगम और पुलिस की टीमें घटना के बाद सक्रिय हुईं, लेकिन यह लापरवाही प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करती है। यदि नियमित निरीक्षण होता, तो यह हादसा टल सकता था। नगर पालिका अध्यक्ष ने जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

शिवपुरी कलेक्टर और एसपी ने भी घटनास्थल का दौरा किया और SDERF टीम को धन्यवाद दिया। साथ ही आगामी सप्ताह में कॉलोनियों में सीवर सुरक्षा ऑडिट की घोषणा की गई है।

क्या यह हादसा टल सकता था?

स्पष्ट रूप से, यदि अपार्टमेंट प्रबंधन और नगर पालिका समय रहते सुरक्षा इंतज़ाम कर लेते, तो मासूम उत्सविका की जान बच सकती थी। यह घटना देशभर के शहरी निकायों को चेतावनी है कि समय रहते मेंटेनेंस को प्राथमिकता दी जाए।


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