
बिना सूचना के उड़ान रद्द, यात्री भौचक्के
इंदौर एयरपोर्ट पर शनिवार की सुबह एक असामान्य स्थिति उत्पन्न हो गई जब जबलपुर जाने वाली फ्लाइट को रनवे पर खड़े यात्रियों के सामने ही अचानक रद्द कर दिया गया। सुबह-सवेरे पहुंचे यात्री हैरान रह गए जब उन्हें बताया गया कि फ्लाइट टेक ऑफ नहीं करेगी।
सुबह 6:55 बजे डिपार्चर समय था और यात्रियों को बोर्डिंग के बाद बस में बैठाकर विमान के पास ले जाया गया। लेकिन वहां से कोई चढ़ने की अनुमति नहीं दी गई। लगभग 90 मिनट तक बस में बैठाए रखने के बाद उन्हें एयरपोर्ट टर्मिनल पर लौटा दिया गया।
नाराज यात्रियों का फूटा गुस्सा
यात्रियों में शामिल डॉ. राजेश अग्रवाल ने बताया कि उन्हें और अन्य सहयात्रियों को फ्लाइट के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। “हम सबको बस में बिठाया गया, लेकिन न तो विमान के गेट खुले और न ही किसी ने कुछ बताया। काफी देर इंतजार के बाद हमें लौटाया गया,” उन्होंने बताया।
कुछ अन्य यात्रियों ने बताया कि उन्हें शुरुआत में सिर्फ देरी की सूचना दी गई थी, लेकिन फिर स्टाफ ने बिना किसी माफीनामे के कह दिया कि फ्लाइट कैंसिल हो चुकी है। इससे यात्री बुरी तरह भड़क उठे।
प्रबंधन की बड़ी चूक?
मौके पर मौजूद डॉ. अभ्युदय वर्मा और डॉ. प्रदीप मेहता ने बताया कि न तो कोई अधिकारी वहां मौजूद था और न ही किसी ने वैकल्पिक व्यवस्था का सुझाव दिया।
स्टाफ के एक सदस्य ने केवल इतना कहा कि “तकनीकी कारणों” से फ्लाइट रद्द की गई है। लेकिन यात्रियों को इस बात पर संदेह है क्योंकि फ्लाइट के पास कोई स्पष्ट गतिविधि नहीं दिखाई दे रही थी, जो तकनीकी सुधार से जुड़ी हो।
यात्रियों को नहीं मिला समाधान
एयरलाइन की ओर से कोई आधिकारिक सहायता या यात्रा पुनर्निर्धारण की पेशकश नहीं की गई। इस वजह से यात्रियों को काफी असुविधा हुई, खासकर उन लोगों को जिन्हें मेडिकल अपॉइंटमेंट या किसी जरूरी काम से जबलपुर जाना था।
कई यात्रियों ने अपनी नाराजगी सोशल मीडिया पर भी जाहिर की है और कुछ ने उपभोक्ता अदालत में शिकायत की चेतावनी दी है।




