
रात को पति के साथ भोजन कर सोई, सुबह फंदे से लटकी मिली
इंदौर शहर के बाणगंगा क्षेत्र में रविवार तड़के एक युवती की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। 24 वर्षीय पूजा वर्मा अपने ही घर में पंखे से लटकी मिली। घटना के समय उसका पति दीपेश वर्मा भी घर पर मौजूद था। उसने सबसे पहले पत्नी को इस हालत में देखा और तत्काल परिवार को सूचित किया।
सूचना मिलते ही परिजन पूजा को लेकर तुरंत एमवाय अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने फिलहाल मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित रखवाया है।
पति ने बताया पूरी रात साथ थे
पूजा के पति दीपेश वर्मा के अनुसार, शनिवार की रात दोनों ने साथ में भोजन किया और लगभग 2 बजे के आसपास सो गए। दीपेश ने बताया कि जब सुबह लगभग 4 बजे उसकी नींद खुली, तो उसने पूजा को फांसी के फंदे से लटका पाया। इस दर्दनाक दृश्य के बाद पूरे घर में कोहराम मच गया।
पांच साल से थीं विवाहित, संतान नहीं थी
पूजा और दीपेश की शादी को लगभग पांच साल हो चुके थे। दोनों ने प्रेम विवाह किया था और उनके परिवारों ने भी इसे स्वीकृति दी थी। हालांकि, शादी के इतने वर्षों बाद भी उनके कोई संतान नहीं थी। परिवार के अनुसार, पूजा कभी भी अवसाद या किसी मानसिक तनाव से पीड़ित नहीं दिखी थी।
मायका उत्तर प्रदेश में, सूचना दे दी गई
पूजा का पैतृक घर उत्तर प्रदेश में है। पुलिस द्वारा उनके परिवार को घटना की सूचना दे दी गई है। उनके आने के बाद शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा। इसके बाद ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होगी।
पुलिस जुटी जांच में
बाणगंगा पुलिस ने घटना स्थल का मुआयना किया और फिलहाल इसे आत्महत्या का मामला मानकर जांच शुरू की है। अब तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस पूजा के मोबाइल, सोशल मीडिया और कॉल रिकॉर्ड्स की जांच कर रही है ताकि घटना के पीछे की वजह का खुलासा हो सके।
परिजन और पड़ोसियों से पूछताछ जारी
पुलिस परिवार के सदस्यों और आस-पड़ोस के लोगों से पूछताछ कर रही है। घटना के समय घर में पति के अलावा भाई-भाभी और पिता भी मौजूद थे, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
पूजा की अचानक हुई मृत्यु से मोहल्ले में शोक की लहर है। आसपास के लोग उसे एक शांत और सरल स्वभाव की लड़की बताते हैं।
इस दुखद घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि कई बार भीतर छुपे मानसिक संघर्ष किसी के चेहरे पर झलकते नहीं हैं। आत्महत्या जैसे मामलों में सतही दृष्टिकोण के बजाय गहराई से जांच और समाजिक संवेदनशीलता की आवश्यकता है।




