
ननिहाल में हुई थी पहचान, बढ़ती नजदीकियां बनी मुसीबत
मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले की 19 वर्षीय युवती ने दमोह निवासी विशाल दिनकर के खिलाफ दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज कराई है। युवती का आरोप है कि आरोपी ने पहले प्रेम और फिर शादी का वादा किया, लेकिन बाद में शादी से साफ मुकर गया। आरोपी और युवती की पहली मुलाकात युवती के ननिहाल दमोह में हुई थी, जहां से दोनों के बीच संपर्क बढ़ा।
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता अक्सर अपने ननिहाल दमोह आती-जाती थी। यहीं पर उसकी विशाल दिनकर नामक युवक से पहचान हुई। बातचीत का सिलसिला बढ़ा और दोनों के बीच घनिष्ठता आई। लगभग दो महीने पहले विशाल ने युवती से विवाह का प्रस्ताव रखा, जिसे उसने स्वीकार कर लिया।
शारीरिक संबंध और फिर इनकार
विवाह के वादे के बाद विशाल ने युवती से कई बार संबंध बनाए। युवती ने भरोसा किया कि दोनों जल्द शादी करेंगे। कुछ समय बाद विशाल जबलपुर भी आने लगा और अकेले में मिलने के बहाने युवती से संबंध बनाता रहा।
अकेलेपन का फायदा उठाया
युवती के मुताबिक, एक दिन जब वह जबलपुर स्थित अपने घर में अकेली थी, तो विशाल वहां पहुंचा और जबरन शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद वह अक्सर शहर आकर युवती से मिलता और इसी तरह से संबंध बनाता रहा। जब युवती ने बार-बार शादी के बारे में पूछा, तो आरोपी ने दूरी बनानी शुरू कर दी।
दमोह में भी दोहराई हरकत, FIR दर्ज
कुछ समय पूर्व युवती जब फिर से दमोह गई, तो विशाल ने वहां भी अकेले में मिलने के लिए बुलाया और जबरन संबंध बनाए। जब युवती ने दोबारा शादी की बात कही, तो उसने बातचीत बंद कर दी और मिलने से इनकार कर दिया। इससे आहत होकर युवती ने अपनी मां को पूरी घटना बताई।
इसके बाद पीड़िता अपनी मां के साथ दमोह कोतवाली थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शून्य पर मामला दर्ज कर केस डायरी गोरखपुर थाने, जबलपुर को जांच के लिए भेज दी है।
पुलिस की प्राथमिक कार्रवाई
दमोह पुलिस ने युवती का बयान दर्ज कर लिया है और आईपीसी की धारा 376 के तहत मामला कायम किया है। आगे की जांच गोरखपुर थाना, जबलपुर पुलिस द्वारा की जा रही है। पुलिस आरोपी की कॉल डिटेल्स और लोकेशन का विश्लेषण कर रही है।
वहीं स्थानीय समाजसेवी संगठनों और महिला सुरक्षा कार्यकर्ताओं ने आरोपी को शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। मामला तेजी से मीडिया और समाज में चर्चा का विषय बनता जा रहा है।
इस तरह के मामलों में युवतियों को प्रेम और विवाह का झांसा देकर मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक शोषण किया जाता है, जो बेहद गंभीर अपराध है। इस केस में युवती का साहसिक कदम एक उदाहरण है कि अन्य पीड़िताएं भी चुप न बैठें और कानून का सहारा लें। न्याय व्यवस्था और पुलिस की त्वरित कार्रवाई ही समाज में भरोसे को मजबूत कर सकती है।




