
ढलान पर अनियंत्रित हुआ ट्रक
रतलाम जिले के बांसवाड़ा मार्ग पर स्थित केदारेश्वर घाट पर शनिवार की शाम एक आम से लदा ट्रक पलट गया। ट्रक पलटने के बाद सड़क पर आम की पेटियां फैल गईं, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने बिना देर किए आम लूटने शुरू कर दिए।
ट्रक तमिलनाडु से बांसवाड़ा जा रहा था और अचानक घाट पर पहुंचते ही ढलान पर असंतुलित होकर पलट गया। ट्रक का नंबर CG04NU7770 बताया जा रहा है। इस दुर्घटना में ड्राइवर को हल्की चोटें आईं हैं, जिसका नाम हुकुम (पिता केसरिया मकवाना), निवासी धामनोद, जिला धार बताया गया है।
लोगों की भीड़ और लूट का दृश्य
जैसे ही ट्रक पलटा, आम की पेटियां फटकर फल बिखर गए। यह देख वहां मौजूद लोगों ने झोले, बोरे और अपने वाहनों में आम भरने शुरू कर दिए। यह दृश्य कुछ ही मिनटों में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें साफ दिख रहा है कि लोग ट्रक में घुसकर भी पेटियों को निकाल रहे हैं।
सड़क पर यातायात भी प्रभावित
ट्रक के बीच सड़क पर पलटने से मार्ग कुछ देर के लिए अवरुद्ध हो गया। आम लूटने वालों की भीड़ के कारण वहां वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही सरवन थाना प्रभारी अर्जुन सेमलिया अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित किया और ट्रक से बिखरे आमों को हटवाया। इसके बाद ट्रक को जेसीबी की मदद से एक तरफ किया गया, और देर रात क्रेन की सहायता से ट्रक को सीधा किया गया।
पुलिस ने बताया कि हादसे में किसी की जान नहीं गई, परंतु ट्रक में लदा आम भारी मात्रा में नुकसान हुआ है। घटना के वीडियो फुटेज के आधार पर कुछ लोगों की पहचान की जा रही है।
बांसवाड़ा के व्यापारी की खेप थी
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बांसवाड़ा के एक स्थानीय व्यापारी ने यह आम तमिलनाडु से मंगवाए थे। व्यापारी से संपर्क कर नुकसान की जानकारी ली जा रही है। ट्रक चालक ने बयान में बताया कि सामने से आ रहे वाहन से बचने के दौरान ट्रक असंतुलित हो गया।
इस हादसे को लेकर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।
रतलाम की यह घटना न केवल एक सड़क दुर्घटना है, बल्कि इसमें आम जनता की मानसिकता और नैतिकता पर भी सवाल खड़े करती है। जहां एक ओर ड्राइवर की जान बची, वहीं दूसरी ओर लोगों द्वारा सार्वजनिक माल की लूट चिंता का विषय है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय रही, लेकिन ऐसे मामलों में कानूनी सख्ती और जागरूकता दोनों ही आवश्यक हैं।




