कैसे हुआ चोरी का पर्दाफाश?
मंदसौर के मल्हारगढ़ थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार पंवार ने बताया कि चोरी की वारदात की जांच सीसीटीवी फुटेज के जरिए की गई। इस दौरान नीमच जिले के मनीष पिता हेमंत बाछड़ा (21) और मनीष पिता रोशन बाछा को चिन्हित किया गया। दोनों पर मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात में भी कई चोरी के मुकदमे दर्ज हैं।

गौरतलब है कि 23 अप्रैल को स्टेशन रोड कॉलोनी और 25 मई को बरखेड़ा पंथ में चोरी की वारदातें हुई थीं। दोनों ही मामलों में लाखों के जेवरात और नगदी चोरी हुए थे। पुलिस की सूझबूझ से इस मल्हारगढ़ चोरी में शामिल गिरोह का भंडाफोड़ हुआ।
सुनार की गिरफ्तारी से खुला राज
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि चोरी का माल नीमच के सुनार रवि सोनी को बेचा गया था। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए रवि सोनी को भी गिरफ्तार कर लिया। बरखेड़ा पंथ से चुराए गए करीब 9 लाख में से 3.5 लाख के जेवरात और 70 हजार रुपए नगद बरामद कर लिए गए हैं। इसके अलावा सोने-चांदी के जेवरात, नकदी और बिना नंबर की मोटरसाइकिल भी जब्त की गई।
स्टेशन रोड कॉलोनी में हुई चोरी का ब्यौरा

कुछ आरोपी अभी फरार
थाना प्रभारी पंवार ने बताया कि कुछ आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने विश्वास जताया कि जल्द ही शेष आरोपियों से भी चोरी का बचा हुआ सामान बरामद कर लिया जाएगा।
पुलिस की सतर्कता से जनता में भरोसा
लगातार बढ़ती चोरी की घटनाओं से क्षेत्र में दहशत का माहौल था, लेकिन मल्हारगढ़ चोरी के आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद लोगों में पुलिस के प्रति भरोसा बढ़ा है। एसपी अभिषेक आनंद ने टीम की तत्परता की सराहना की है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस की टीम अब बाकी फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है, ताकि जनता को पूरा न्याय मिल सके। स्थानीय लोगों ने पुलिस से अपील की है कि गश्त और सीसीटीवी निगरानी को और सख्त किया जाए, जिससे इस तरह की वारदातों पर अंकुश लग सके।
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Image credits: Times of MP newsroom, पुलिस रिकॉर्ड
इस पूरे मामले से एक बात साफ है कि अपराध कितनी भी सावधानी से रचे जाएं, लेकिन कानून के लंबे हाथ उन तक जरूर पहुंचते हैं। मंदसौर पुलिस की सक्रियता ने इसे फिर साबित कर दिया। लोगों में सुरक्षा का भरोसा और मजबूत हुआ है, और अपराधियों में डर।




