नई दिल्ली, 28 मई 2025 — भारत में कोविड-19 के नए वैरिएंट एक बार फिर चिंता बढ़ा रहे हैं। पिछले एक हफ्ते में देशभर में कोरोना वायरस के 850 नए मामले दर्ज किए गए हैं, जिससे सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 1,083 हो गई है। इस दौरान 12 लोगों की जान भी जा चुकी है।

केरल में सबसे ज्यादा एक्टिव केस
राज्यवार आंकड़ों के अनुसार, केरल में सबसे अधिक 430 एक्टिव केस हैं। वहीं, मंगलवार को कर्नाटक में 36, गुजरात में 17, बिहार में 5 और हरियाणा में 3 नए मामले सामने आए। गुजरात में 13 मरीज स्वस्थ हुए हैं।
उत्तर प्रदेश में कोविड से पहली मौत, प्रधानमंत्री के दौरे पर अलर्ट
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में मंगलवार को 78 वर्षीय बुजुर्ग की कोरोना से मौत हुई, जो राज्य में नए वैरिएंट से पहली मौत मानी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 29-30 मई को उत्तर प्रदेश और बिहार दौरे को देखते हुए सुरक्षा और स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। निर्देश दिए गए हैं कि पीएम के 100 मीटर के दायरे में रहने वाले सभी व्यक्तियों की कोविड जांच अनिवार्य होगी।
नॉर्थ-ईस्ट और अन्य राज्यों में भी बढ़ रहे केस
अरुणाचल प्रदेश में दो महिलाओं की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, जिनमें से एक में हल्के लक्षण हैं और दूसरी में कोई लक्षण नहीं है। जयपुर, ठाणे, बेंगलुरु समेत महाराष्ट्र, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश में भी कोरोना से मौतों के मामले दर्ज हुए हैं।
भारत में कोविड-19 के चार नए वैरिएंट की पहचान
ICMR के अनुसार, भारत में कोविड-19 के चार नए वैरिएंट की पुष्टि हुई है—LF.7, XFG, JN.1 और NB.1.8.1। ये वैरिएंट मुख्य रूप से दक्षिण और पश्चिम भारत में पाए गए हैं। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इन्हें बेहद गंभीर न मानते हुए सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
WHO ने जताई आशंका, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इन नए वैरिएंट्स को “वेरिएंट्स अंडर मॉनिटरिंग” की श्रेणी में रखा है। इनमें से NB.1.8.1 वैरिएंट के स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशन (जैसे A435S, V445H, T478I) संक्रमण फैलाने की गति बढ़ा सकते हैं और वैक्सीन से बनी इम्यूनिटी को भी प्रभावित कर सकते हैं।
भारत में JN.1 वैरिएंट सबसे आम

देश में फिलहाल JN.1 सबसे आम कोविड-19 वैरिएंट है, जो टेस्टिंग में आधे से ज्यादा सैंपल्स में पाया गया है। इसके बाद BA.2 (26%) और ओमिक्रॉन सबलाइनेज (20%) की हिस्सेदारी है।
JN.1 वैरिएंट: लक्षण और असर
JN.1 वैरिएंट, ओमिक्रॉन BA2.86 का एक म्यूटेटेड स्ट्रेन है, जिसे पहली बार अगस्त 2023 में देखा गया था। यह वैरिएंट इम्यून सिस्टम को कमजोर करता है और इसके लक्षण कई दिनों से लेकर हफ्तों तक बने रह सकते हैं। अगर लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो मरीजों को “लॉन्ग कोविड” की आशंका हो सकती है।




