रतलाम, 30 मई 2025: जिला पंचायत रतलाम ने विकास कार्यों में लापरवाही बरतने वाले दो पंचायत सचिवों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई सैलाना जनपद के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों में अधूरे कार्यों और नोटिस का जवाब न देने को लेकर की गई है। यह मामला अब रतलाम पंचायत सचिव निलंबन के रूप में चर्चा का विषय बना हुआ है।
विकास कार्य समय पर पूरे नहीं किए
जिला पंचायत सीईओ श्रृंगार श्रीवास्तव के अनुसार, ग्राम पंचायत सलवानिया और खाखराकुंडी नयापाड़ा में स्वीकृत सीसी रोड निर्माण कार्य समयसीमा के भीतर पूरा नहीं किया गया। साथ ही, इन कार्यों के लिए पूर्व में निकाली गई राशि का भी समुचित उपयोग नहीं किया गया।
नोटिस के बावजूद जवाब नहीं
सैलाना जनपद सीईओ गोवर्धन मालवीय ने बताया कि:
- ग्राम पंचायत सलवानिया में अनुसूचित जनजाति बस्ती विकास योजना के तहत वर्ष 2018 में सीसी रोड निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया था। इस कार्य को अधूरा छोड़ने पर तत्कालीन सचिव कोदर सिंह कटारा को ₹3 लाख की वसूली का नोटिस जारी किया गया था।
- वहीं ग्राम पंचायत नारायणगढ़ के तत्कालीन सचिव राजेंद्र सिंह उर्फ राजकुमार मेईडा द्वारा ग्राम खाखराकुंडी नयापाड़ा में सीसी रोड निर्माण अधूरा छोड़ा गया, जिस पर ₹10 लाख की वसूली का नोटिस जारी हुआ।
कोर्ट में पेश नहीं हुए, नोटिस का भी जवाब नहीं
दोनों सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए न्यायालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था। लेकिन दोनों अधिकारी लगातार अनुपस्थित रहे और किसी भी नोटिस का उत्तर नहीं दिया। इसे प्रशासन ने गंभीर लापरवाही माना।
तत्काल निलंबन का आदेश
पद की जिम्मेदारी में लापरवाही और अनुशासनहीनता के आधार पर दोनों सचिवों को मध्य प्रदेश पंचायत सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम 1999 की धारा 4(1)(क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
पंचायत प्रणाली में सख्ती का संकेत
इस रतलाम पंचायत सचिव निलंबन कार्रवाई से जिले की अन्य पंचायतों में भी सतर्कता बढ़ गई है। प्रशासन का साफ संदेश है कि विकास कार्यों में लापरवाही और जवाबदेही से बचने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।




