इंदौर के मूसाखेड़ी क्षेत्र में मंगलवार रात एक सनसनीखेज मामला सामने आया, जब हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने एक युवक को एक हिंदू युवती को एमडी ड्रग्स का नशा कराते हुए रंगेहाथों पकड़ा। शुरू में युवक ने अपना नाम अभिषेक ठाकुर बताया, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसकी असलियत सामने आई और उसने अपना नाम जीशान पठान, पिता सादिक पठान, निवासी जूना रिसाला, सदर बाजार बताया।
युवती का बयान हैरान करने वाला था। उसने बताया कि जीशान उसे नशा कराकर कई बार शारीरिक संबंध के लिए मजबूर करता रहा। साथ ही अब वह धर्म परिवर्तन के लिए भी दबाव डाल रहा था।
2023 से संपर्क में था आरोपी
पीड़िता, जो कि सतना की रहने वाली है, पढ़ाई के लिए इंदौर आई थी। 2023 में एक पार्टी के दौरान उसकी मुलाकात जीशान से हुई थी। जीशान ने उसे ज्योति परमार के घर ले जाकर दोस्ती बढ़ाई। धीरे-धीरे युवती को नशे की लत लगाई और फिर कई बार दुष्कर्म किया।
आपत्तिजनक सामग्री और चौंकाने वाले खुलासे
हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं द्वारा मौके पर जीशान के मोबाइल की जांच करने पर उसमें कई युवतियों की चैटिंग, अश्लील फोटो और वीडियो मिले। इतना ही नहीं, कमरे में मौजूद मकान मालकिन ज्योति परमार के मोबाइल से भी चौंकाने वाले तथ्य मिले हैं

पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, ज्योति परमार के मोबाइल में जेल से भेजी गई कई चिट्ठियाँ और गैंगस्टर सलमान लाला के फोटो-वीडियो मिले। साथ ही, एक जेल प्रहरी की पत्नी के Google Pay खाते से कैदियों को रुपए भेजे जाने के सबूत भी सामने आए।
धर्मांतरण और ब्लैकमेलिंग की धमकी
पीड़िता ने बताया कि जीशान अब उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव डाल रहा था। जब उसने इंकार किया तो जीशान ने उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो वायरल करने की धमकी दी। यह पूरा मामला सिर्फ रेप या नशे तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह सांस्कृतिक और धार्मिक आक्रमण जैसा प्रतीत हो रहा है।

गैंगस्टर और जेल प्रहरी से कनेक्शन
जांच में पता चला है कि आरोपी जीशान एक संगठित आपराधिक गिरोह से जुड़ा हो सकता है। ज्योति परमार और जेल प्रहरी की मिलीभगत से यह गिरोह जेल के भीतर भी सक्रिय हो सकता है। पुलिस इस कड़ी को बेहद गंभीरता से ले रही है और हर एंगल से जांच की जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई और अगली रणनीति
आजाद नगर पुलिस थाने की टीम ने जीशान पठान को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। आरोपी पर रेप, ब्लैकमेलिंग, धर्मांतरण का प्रयास, और नशा फैलाने जैसी कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
पुलिस अब पूरे नेटवर्क की तह में जाने की कोशिश कर रही है — कौन लोग इसमें शामिल हैं, जेल प्रहरी की भूमिका क्या है, और युवतियों को कैसे फंसाया जा रहा है।
यह मामला एक युवती के साथ धोखे से दोस्ती, नशे में धकेलकर शारीरिक शोषण, और धर्मांतरण के दबाव तक सीमित नहीं है। इसमें आपराधिक नेटवर्क, गैंगस्टर और जेल प्रहरी तक की भागीदारी सामने आ रही है। पुलिस की अगली कार्रवाई पर पूरे प्रदेश की निगाहें टिकी हैं।




