जबलपुर। जबलपुर समाचार शहर के बड़े पत्थर इलाके में नाबालिग लड़कों ने पिता और पुत्र पर बीच सड़क हमला कर दिया। घटना इतनी भयावह थी कि बेल्ट और ईंट से मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। यह पूरी वारदात नजदीकी सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है।

घटना का समय और स्थान
यह हमला 31 जुलाई की शाम 6 बजे हुआ जब पीड़ित पिता और बेटा किसी निजी काम से बाहर निकले थे। उसी दौरान विशाल नामक एक नाबालिग लड़का अपने तीन दोस्तों के साथ आया और गाली-गलौच शुरू कर दी। पिता ने समझाने की कोशिश की तो नाबालिग ने पत्थर से सिर पर वार कर दिया।
सीसीटीवी में कैद हुई वारदात
वारदात महज दो-तीन मिनट की थी लेकिन घटना का वीडियो CCTV में कैद हो गया है। नाबालिग लड़कों ने बेल्ट और ईंट से पिता-पुत्र को बुरी तरह पीटा। राहगीर तमाशा देखते रहे लेकिन किसी ने रोकने की कोशिश नहीं की।
पिता का साहसिक प्रतिरोध
बेटे को पिटता देख पिता ने एक लड़के से बेल्ट छीन ली और आत्मरक्षा में पलटवार किया। यह पल घटना में बड़ा मोड़ बन गया, जिससे लड़कों को भागना पड़ा।
थाने में शिकायत, जांच शुरू
घटना के तुरंत बाद पीड़ित रांझी थाना पहुंचे और नाबालिगों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने IPC की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।
स्थानीय जनता का आक्रोश
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में पुलिस की गश्त न के बराबर है, जिससे असामाजिक तत्वों का मनोबल बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
थाना प्रभारी का बयान
रांझी थाना प्रभारी उमेश गोल्हानी ने कहा, “हमने CCTV फुटेज को जब्त कर लिया है। आरोपियों की पहचान हो चुकी है और उन्हें जल्द हिरासत में लिया जाएगा।”
कानूनी कार्यवाही और संभावनाएं
चूंकि सभी आरोपी नाबालिग हैं, इसलिए जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। केस की गंभीरता को देखते हुए परिवार बाल न्यायालय जाने की तैयारी कर रहा है।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
हमले का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, जिससे पूरे शहर में आक्रोश का माहौल बन गया है।
मनोवैज्ञानिकों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की हिंसा नाबालिगों में बढ़ते अपराध की ओर संकेत करती है और इसके पीछे पारिवारिक या सामाजिक असंतुलन भी हो सकता है।
पुलिस को अलर्ट रहने की जरूरत
घटना के बाद आमजन का कहना है कि पुलिस को नियमित गश्त और CCTV निगरानी बढ़ानी चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।




