
बुरहानपुर जिले के नावरा गांव में शुक्रवार देर रात एक हिंदू महिला की निर्मम हत्या कर दी गई क्योंकि उसने इस्लाम कबूल कर निकाह करने से इंकार कर दिया था। आरोपी युवक पहले से ही महिला पर धर्मांतरण का दबाव बना रहा था।
हत्या की क्रूरता
35 वर्षीय भाग्यश्री नामदेव धानुक पर आरोपी शेख रईस ने चाकू से कई वार किए, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। आरोपी पहले से महिला पर दबाव बनाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था।
प्रदर्शन और प्रशासनिक हस्तक्षेप
हत्या के विरोध में परिजनों और हिंदू संगठनों ने शव के साथ प्रदर्शन किया और आरोपी के मकान व दुकान तोड़ने की मांग की। प्रशासनिक अधिकारियों ने समझाइश देकर लोगों को शांत कराया।
अंतिम संस्कार में देरी और मांगें
शव गांव लाने के बाद ढाई घंटे तक अंतिम संस्कार नहीं हुआ। परिजन आरोपी और लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग करते रहे। बाद में कुछ पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किए जाने के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हुई।
नेताओं की भूमिका
नेपानगर विधायक मंजू दादू और बलाई समाज के नेता मनोज परमार ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और न्याय का भरोसा दिलाया।
सामाजिक आक्रोश और बंद
घटना के विरोध में हिंदू संगठनों ने नावरा और नेपानगर में बाजार बंद कराए। बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने दुकानदारों से दुकानें बंद रखने का आग्रह किया।
आरोपी की पृष्ठभूमि
शेख रईस मातापुर में दूध की डेयरी चलाता है और पहले से विवादित गतिविधियों में शामिल रहा है। उसकी पत्नी उसे छोड़ चुकी है और भरण-पोषण का केस दर्ज है।
यह घटना केवल एक हत्या नहीं है, बल्कि यह समाज में महिलाओं की स्थिति और धर्म के नाम पर हो रही ज़बरदस्ती को उजागर करती है। प्रशासन को सख्त कदम उठाने की ज़रूरत है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।




