
भोपाल का बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी (BU) पहली बार नेशनल असेसमेंट एंड एक्रिडिटेशन काउंसिल (NAAC) से A ग्रेड प्राप्त करने में सफल रहा है। इससे पहले इस यूनिवर्सिटी को B ग्रेड मिला था, लेकिन अब यह दो स्तर ऊपर चढ़ते हुए सीधे A ग्रेड पर पहुंच गई है।
BU को मिली नई पहचान
BU ने बीते एक वर्ष में 20 से अधिक रिसर्च पेटेंट और 15+ एमओयू के माध्यम से शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाई है। यह सुधार नैक ग्रेडिंग में दो स्तर की छलांग के लिए प्रमुख कारण बने।
PM-उषा योजना से मिला सहयोग
PM-उषा योजना के अंतर्गत मिले ₹100 करोड़ के फंड से यूनिवर्सिटी ने अधोसंरचना, रिसर्च और शिक्षण गुणवत्ता में बड़ा उन्नयन किया। इसी का परिणाम रहा कि BU को MEI वर्ल्ड रैंकिंग्स 2025 में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त हुई।
रिसर्च व प्लेसमेंट ने निभाई अहम भूमिका
IQAC चेयरपर्सन प्रो. मोना पुरोहित ने बताया कि नैक से A ग्रेड मिलने के पीछे यूनिवर्सिटी के रिसर्च, पेटेंट और प्लेसमेंट में आए सुधार की अहम भूमिका रही। प्रमुख योगदानकर्ताओं में डॉ. विवेक शर्मा, डॉ. विपिन व्यास, डॉ. नीरज गौर और डॉ. रागिनी गोथलवाल शामिल रहे।
फायदे जो BU को मिलेंगे
- राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय फंडिंग में वृद्धि
- इंडस्ट्री और अकादमिक साझेदारी को बढ़ावा
- छात्रवृत्तियों व फेलोशिप की संख्या में इजाफा
- डिस्टेंस मोड संस्थानों को पुनः आरंभ करने की संभावना
- केंद्रीय विश्वविद्यालय बनने की दिशा में एक बड़ा कदम
BU की ग्रेडिंग सुधार की दिशा में किए गए 5 मुख्य प्रयास
- रिसर्च पेटेंट: उच्च गुणवत्ता वाले शोध-पत्र और 20 पेटेंट
- अधोसंरचना: ग्रीन कैंपस, वर्मी कंपोस्ट, ई-वेस्ट प्रबंधन जैसी पहल
- एकेडमिक सहयोग: 15 से अधिक प्रतिष्ठित संस्थानों से एमओयू
- रोजगार: प्लेसमेंट सेल की स्थापना और रोजगार अवसरों में वृद्धि
- रणनीतिक प्रबंधन: डेढ़ साल की कार्य योजना और टीम वर्क
प्रशासन की प्रतिक्रिया
कुलपति प्रो. एस.के. जैन ने कहा – “BU की इस ऐतिहासिक सफलता में पूरे स्टाफ, फैकल्टी और विद्यार्थियों का सामूहिक प्रयास है। दो पायदान की छलांग कोई सामान्य बात नहीं है। आने वाले समय में यूनिवर्सिटी को बेहतर फंडिंग और संसाधन मिलेंगे।”




