इंदौरवासियों के लिए 2025 की गर्मियों की शुरुआत एक ऐतिहासिक सौगात के साथ हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोपाल से वर्चुअल माध्यम से इंदौर मेट्रो उद्घाटन कर इस स्मार्ट शहर को एक नई रफ्तार दी। इस अवसर पर शुरू हुए सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर पहले दिन महिलाएं मुख्य यात्री रहीं।

6 किमी रूट की शुरुआत, नामों में नारी शक्ति का सम्मान
शुरुआती चरण में इंदौर मेट्रो की 5.9 किलोमीटर लंबी येलो लाइन पर मेट्रो चलाई गई है, जिसमें 5 स्टेशन शामिल हैं। सबसे खास बात यह है कि इन स्टेशनों के नाम देश की महान वीरांगनाओं के नाम पर रखे गए हैं। उदाहरण के लिए:
- देवी अहिल्या बाई होलकर टर्मिनल स्टेशन
- महारानी लक्ष्मीबाई स्टेशन
- रानी अवंती बाई लोधी स्टेशन
- रानी दुर्गावती स्टेशन
- वीरांगना झलकारी बाई स्टेशन
यह पहल नारी सम्मान और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने के रूप में देखी जा रही है।
महिलाओं की विशेष भागीदारी
मेट्रो के पहले दिन महिलाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी ने उद्घाटन समारोह को और भी खास बना दिया। महिलाएं मिट्टी के शिवलिंग लेकर मेट्रो में चढ़ीं और इस नए सफर को धार्मिक और सांस्कृतिक रंगों से जोड़ दिया।
एक सप्ताह मुफ्त यात्रा का लाभ
इंदौर मेट्रो प्रबंधन द्वारा पहले सप्ताह के लिए यात्रा को नि:शुल्क रखा गया है, जिससे हर वर्ग के लोग इसका अनुभव ले सकें। इस पहल से यात्रियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
🌳 यात्रा के दौरान दिखेगा हरियाली का नज़ारा
मेट्रो ट्रैक इस तरह से बनाया गया है कि सफर के दौरान यात्री शहर की हरियाली और वातावरणीय सुंदरता का आनंद ले सकें। इससे यह केवल यात्रा का साधन नहीं, बल्कि शहरी सुंदरता का अनुभव भी बनता है।
फेज-2 की तैयारी, जनवरी 2026 तक पूर्णता का लक्ष्य
पूरे इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट की लंबाई लगभग 31 किमी है, जिसमें अभी केवल एक छोटा हिस्सा चालू किया गया है। मिड सेक्शन अंडरग्राउंड होगा और उसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। सरकार का लक्ष्य है कि जनवरी 2026 तक इसका दूसरा चरण भी यातायात के लिए तैयार हो।




