इंदौर। ट्रांसपोर्ट व्यवसायी राजा रघुवंशी के परिवार में एक नई हलचल मच गई है। इस बार उनके बड़े भाई सचिन रघुवंशी पर एक महिला ने भावनात्मक शोषण, शादी का झांसा और बच्चे को न अपनाने के आरोप लगाए हैं। महिला का दावा है कि सचिन ने उसे पहले प्रेम जाल में फंसाया, मंदिर में शादी की रस्में निभाईं और फिर उसे जीवन से निकाल फेंका।

मंदिर में पहनाया मंगलसूत्र, मनाया करवाचौथ
महिला ने बताया कि उसने और सचिन ने एक-दूसरे के साथ प्रेम संबंध बनाए और फिर राम मंदिर में जाकर विवाह की रस्में पूरी कीं। मंगलसूत्र पहनाकर उसे पत्नी स्वीकार किया, होली पर परिवार से मिलवाया और करवाचौथ भी साथ मनाया। लेकिन बच्चे के जन्म के बाद सबकुछ बदल गया।
रोजाना फोन करता था, अब पहचानने से भी इंकार
महिला का कहना है कि सचिन पहले दिन में कई बार कॉल करता था, लेकिन डिलीवरी के कुछ महीने बाद उसका व्यवहार पूरी तरह बदल गया। उसने फोन उठाना बंद कर दिया और आर्थिक सहायता देना भी रोक दी। जब महिला ने खोजबीन की तो पता चला कि सचिन पहले से शादीशुदा है और उसकी दो बेटियां भी हैं।

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन ही डिलीवरी करवाई
महिला ने बताया कि जब वह गर्भवती हुई, तब सचिन ने डिलीवरी के लिए 22 जनवरी 2024 की तारीख तय करवाई, क्योंकि उस दिन रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होनी थी। गीता भवन स्थित मित्तल अस्पताल में उसी दिन सीजेरियन ऑपरेशन से बच्चे का जन्म हुआ। महिला का दावा है कि सारे अस्पताल दस्तावेजों में सचिन के सिग्नेचर और फोटो मौजूद हैं।
बेटे के बदले पैसों का लालच
महिला ने कहा कि सचिन के परिजनों ने बेटे को गोद लेने के बदले 10 से 15 लाख रुपए देने की पेशकश की। उसकी पत्नी ने खुद कहा कि हम बच्चे की अच्छी परवरिश करेंगे, बदले में पैसे ले लो। महिला ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज करते हुए कहा, “मैं अपने बेटे का सौदा करने नहीं आई हूं।”
DNA रिपोर्ट में हुआ खुलासा
बाद में महिला ने सचिन के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करवाई और डीएनए टेस्ट भी कराया गया, जिसमें पुष्टि हुई कि बच्चा सचिन का ही जैविक पुत्र है। बावजूद इसके सचिन ने अब तक उसे स्वीकार नहीं किया।
महिला का दर्द: नौकरी गई, जीवन बर्बाद हो गया
पीड़िता ने बताया कि सचिन की वजह से उसे अपनी नौकरी छोड़नी पड़ी। उसने किसी भी काम में साथ नहीं दिया। अब महिला अकेले बच्चे के साथ जीवन गुजार रही है और न्याय के लिए संघर्ष कर रही है।
एफआईआर में दर्ज किया गया सचिन का वादा
महिला ने बताया कि विवाद के दौरान सचिन ने एक लिखित पत्र में कहा था कि वह 3 अक्टूबर 2024 तक उसे अपनाएगा। लेकिन समयसीमा बीतने के बाद भी जब उसने वादा नहीं निभाया, तो 6 अक्टूबर को थाने में एफआईआर दर्ज कर दी गई।
राजा रघुवंशी की हत्या की खबर से व्यथित
महिला ने राजा रघुवंशी की हत्या पर गहरा दुख व्यक्त किया। उसने कहा कि वह राजा से कई बार मिल चुकी थी और उनके साथ अच्छे संबंध थे। सचिन के भाई-बहन और दोस्त भी उनसे अक्सर मिला करते थे।
सचिन का बयान: महिला कर रही ब्लैकमेल
सचिन रघुवंशी ने महिला के सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उसने कहा कि महिला की एक बेटी पहले से है और वह इसी तरह पहले पति को भी ब्लैकमेल कर चुकी है। उसका इरादा सिर्फ पैसों की मांग और मानसिक उत्पीड़न करना है।
यह मामला अब पुलिस की जांच के अधीन है। सचिन और महिला दोनों के दावों की सच्चाई कानूनी प्रक्रिया के तहत सामने आएगी। फिलहाल इंदौर में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।




