इंदौर में 125 व्यापारिक संगठनों ने वोकल फॉर लोकल अभियान के अंतर्गत शपथ ली कि वे विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार कर भारतीय उत्पादों को अपनाएंगे। जानिए इस ऐतिहासिक कार्यक्रम की खास बातें।

इंदौर में व्यापारियों ने ली वोकल फॉर लोकल की शपथ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए वोकल फॉर लोकल अभियान को इंदौर के व्यापारिक संगठनों से ज़बरदस्त समर्थन मिला है। रविवार को अहिल्या चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के नेतृत्व में शहर के 125 व्यापारिक संगठनों ने संकल्प लिया कि वे विदेशी वस्तुओं का त्याग कर स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देंगे।
मेक इन इंडिया को मिलेगा बल
जाल सभा गृह, तुकोगंज में आयोजित इस समारोह में नेशनल ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड के चेयरमैन सुनील सिंघी ने व्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा, “हमें अब केवल व्यापारी नहीं, बल्कि आर्थिक सैनिक बनकर देश को आत्मनिर्भर बनाना है। भारत की मिट्टी में बनी वस्तुएं हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।” इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक प्रेरणादायक वीडियो भी दिखाया गया।
विदेशी वस्तुओं से व्यापार नहीं करने का संकल्प
सुनील सिंघी ने स्पष्ट रूप से कहा कि देश के व्यापारियों को अब विदेशी सामान का बहिष्कार करना चाहिए। उन्होंने बताया कि “हमने संकल्प लिया है कि पाकिस्तान, टर्की और अजरबैजान जैसे देशों से कोई व्यापार नहीं करेंगे और उनकी वस्तुओं का न उपयोग करेंगे, न बिक्री।”
🗣️ उद्धरण:
“हर भारतीय से अपील है कि देश की मिट्टी से बने उत्पादों को अपनाएं और विदेशी वस्तुओं का त्याग करें।” — सुनील सिंघी
व्यापारी संगठनों की शपथ की मुख्य बातें
सभी व्यापारिक संगठनों ने निम्न संकल्पों पर सहमति जताई:
- भारत निर्मित वस्तुओं को प्राथमिकता देंगे।
- ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ को समर्थन।
- ‘डिजिटल इंडिया’, ‘स्किल इंडिया’ और ‘स्वच्छ भारत अभियान’ को प्रोत्साहन।
- स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और किसानों को समर्थन।
- भारतीय पर्यटन, आभूषण, स्वास्थ्य सेवाओं और हस्तकला का प्रचार-प्रसार।
- विदेशी कपड़ों, बर्तनों और अन्य उत्पादों का त्याग।
ऑपरेशन सिंदूर और राष्ट्रीय भावना
कार्यक्रम में उपस्थित अहिल्या चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष रमेश खंडेलवाल ने कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जो देश भारत के विरोध में खड़े थे, उनके साथ किसी भी व्यापारिक रिश्ते को समाप्त किया जाएगा।” इस पहल के अंतर्गत व्यापारियों को जनजागृति अभियान से जोड़ा जा रहा है।
शहर में चला जनसंपर्क अभियान
इस अभियान की सफलता के लिए रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन ने भी पहल की है। उन्होंने निर्णय लिया कि चीन और बांग्लादेश से आने वाले वस्त्र अब नहीं बेचे जाएंगे। पिछले एक सप्ताह से शहरभर में जनसंपर्क अभियान चलाया गया जिसमें बाजारों में जाकर व्यापारियों को जोड़ा गया।




