भोपाल। अब मध्यप्रदेश में शादी समारोह, राजनीतिक सभा या सामाजिक आयोजनों के लिए पंडाल लगाने से पहले आयोजकों को फायर एनओसी (NOC) लेना अनिवार्य होगा। नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग द्वारा तैयार किए गए फायर एंड इमरजेंसी सर्विस एक्ट के ड्राफ्ट को 3 जून को पचमढ़ी में होने वाली कैबिनेट मीटिंग में पेश किया जा सकता है। इसके बाद इसे विधानसभा के मानसून सत्र में कानून का रूप दिया जाएगा।
कानून की अहम बातें:
- शादी समारोह, धार्मिक आयोजनों, और राजनीतिक सभाओं से पहले फायर एनओसी जरूरी।
- नियमों का उल्लंघन करने पर ₹10,000 का जुर्माना और 3 महीने की जेल हो सकती है।
- 5,000 वर्गफीट से बड़े शैक्षणिक, व्यापारिक, और औद्योगिक प्रतिष्ठानों को भी एनओसी लेनी होगी।
- नया कानून लागू होने के बाद नागरिकों पर फायर टैक्स का बोझ बढ़ेगा, जिसे प्रॉपर्टी टैक्स में सरचार्ज के रूप में वसूला जाएगा।
क्यों जरूरी है यह कानून?
हाल ही में शिवपुरी में श्रीमद भागवत कथा के आयोजन के दौरान एक भयानक अग्निकांड हुआ था। 12 अप्रैल की रात ठाकुर बाबा मंदिर में पंडाल में सिलेंडर से गैस लीक होने के कारण आग लग गई थी। इस हादसे में हलवाई समेत तीन लोग झुलस गए थे। मौके पर आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे, जिससे आग ने तेजी से टेंट को अपनी चपेट में ले लिया।
मौजूदा कानून की खामियां
अभी तक प्रदेश में कोई सख्त फायर सेफ्टी एक्ट लागू नहीं है, जिससे आयोजकों या भवन मालिकों पर कार्रवाई करना मुश्किल होता है। रिटायर्ड चीफ इंजीनियर एल.एस. बघेल के मुताबिक, वर्तमान में आग से संबंधित लापरवाहियों पर प्रभावी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान नहीं है।
नए फायर एक्ट की प्रमुख विशेषताएं:
- फायर एनओसी अनिवार्य: पंडाल, सभाएं और बड़े कार्यक्रम बिना फायर एनओसी के नहीं हो सकेंगे।
- फायर डायरेक्टोरेट का गठन: फायर सेवा के लिए एक अलग विभाग बनाया जाएगा, जिसमें अनुभवी अधिकारी नियुक्त होंगे।
- हर क्षेत्र में फायर स्टेशन: आबादी और व्यवसायिक गतिविधियों के अनुसार नए फायर स्टेशन खोले जाएंगे, जिनका संचालन पुलिस थानों की तरह होगा।
- योग्य अधिकारियों की नियुक्ति: हर स्टेशन पर डिप्टी फायर ऑफिसर या उच्च अधिकारी तैनात होंगे जो आपातकालीन स्थिति में मुख्य भूमिका निभाएंगे।
नेशनल बिल्डिंग कोड 2016 के अनुसार:
हर इमारत में फायर सेफ्टी उपकरण लगाना अनिवार्य होगा। यदि कोई भवन स्वामी इस नियम का उल्लंघन करता है तो फायर अधिकारी कार्रवाई के लिए अधिकृत होंगे।




