चुरू सांसद राहुल कासवान ने रतलाम जिले में कांग्रेस संगठन की कमजोरी स्वीकारते हुए तीन दिवसीय दौरे की शुरुआत की। सृजन कार्यक्रम के तहत जिलाध्यक्ष व शहर अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया शुरू।
रतलाम जिले में कांग्रेस संगठन का पुनर्गठन शुरू
रतलाम, मध्यप्रदेश।
गुरुवार से रतलाम जिले में कांग्रेस संगठन के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक और लोकसभा चुरू से सांसद राहुल कासवान तीन दिवसीय दौरे पर रतलाम पहुंचे। इस दौरान वे जिले की सभी पांच विधानसभा क्षेत्रों में संगठन से जुड़े नेताओं से वन-टू-वन चर्चा करेंगे। इसका उद्देश्य जिलाध्यक्ष और शहर अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया को पारदर्शिता से पूरा करना है।
पारदर्शी प्रक्रिया की बात कही
सांसद कासवान ने सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि कांग्रेस ने संगठन के नए ढांचे को लेकर “सृजन कार्यक्रम” की शुरुआत की है। इसके अंतर्गत ब्लॉक और बूथ स्तर तक सभी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से पार्टी की गाइडलाइन के तहत व्यक्तिगत चर्चा की जाएगी।
उन्होंने बताया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी और सभी रिपोर्ट उच्च नेतृत्व तक पहुंचाई जाएगी।
बूथ स्तर तक मजबूती पर ज़ोर
राहुल कासवान ने कहा,
“आज हम एक अलग परिस्थिति में हैं। कांग्रेस हमेशा लोकतंत्र पर विश्वास करती आई है। सृजन कार्यक्रम का उद्देश्य ग्राउंड से लेकर बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत बनाना है।”
उन्होंने बताया कि प्रदेश भर में एक साथ 50 ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं, जो तहसील और मंडल स्तर तक जाकर बैठकें करेंगे।
बैठक और कार्ययोजना
पहली बैठक गुरुवार को सर्किट हाउस में समन्वय समिति के साथ हुई। इसमें केवल समिति के सदस्य ही शामिल थे, अन्य पदाधिकारियों को बाहर रखा गया और सभी मोबाइल साइलेंट करवा दिए गए।
आगामी कार्यक्रम:
13 जून
सुबह 11 बजे: सैलाना विधानसभा की बैठक – ओशिन परिसर
शाम 5 बजे: आलोट क्षेत्र की बैठक – अनाया गार्डन
14 जून
सुबह 11 बजे: रतलाम ग्रामीण – पोरवाड़ों की धर्मशाला, त्रिपोलिया गेट
शाम 5 बजे: रतलाम शहर – सज्जन प्रभा, अजंता टॉकीज रोड
इन बैठकों में ब्लॉक मंडल, मोर्चा संगठन के पदाधिकारी और निर्वाचित जनप्रतिनिधि शामिल रहेंगे।
रतलाम जिले में कांग्रेस संगठन के पुनर्गठन की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ रही है। सांसद राहुल कासवान की अगुवाई में यह पहल संगठन को ज़मीनी स्तर से मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। आने वाले दिनों में इन बैठकों और वन-टू-वन चर्चाओं के परिणाम सामने आएंगे।




