अहमदाबाद में हुए भीषण एयर इंडिया प्लेन क्रैश में इंदौर की रहने वाली हरप्रीत कौर होरा की मौत हो गई। हरप्रीत अपने पति रॉबी होरा से मिलने लंदन जा रही थीं। उन्होंने पहले 19 जून की फ्लाइट बुक की थी, लेकिन पति का जन्मदिन मनाने के लिए उन्होंने अंतिम समय में टिकट बदलकर 12 जून की फ्लाइट ले ली, जो दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
कौन थीं हरप्रीत कौर होरा

हरप्रीत कौर इंदौर के राजमोहल्ला क्षेत्र की निवासी थीं। उनकी उम्र 30 वर्ष थी। वह बेंगलुरु की एक प्रतिष्ठित आईटी कंपनी में कार्यरत थीं और 2020 में रॉबी होरा से विवाह हुआ था। शादी के बाद वह करीब डेढ़ साल लंदन में रहीं और फिर नौकरी के कारण भारत लौट आईं।
पति का जन्मदिन बन गया आखिरी सफर की वजह
हरप्रीत की सास-ससुर और पति के परिवारवालों ने बताया कि वह 16 जून को रॉबी का जन्मदिन लंदन में साथ मनाने के लिए बेहद उत्साहित थीं। इसीलिए उन्होंने पहले से बुक 19 जून की फ्लाइट कैंसिल करके 12 जून को रवाना होने का निर्णय लिया।
अहमदाबाद से उड़ान भरते ही हुआ हादसा
एयर इंडिया की बोइंग 787 ड्रीमलाइनर फ्लाइट AI-171 ने गुरुवार दोपहर 1:38 बजे अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान के महज 49 सेकंड बाद यह विमान बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
पैसेंजर लिस्ट में 65वें नंबर पर था हरप्रीत का नाम

हरप्रीत ने सीट नंबर 22-E बुक की थी। पैसेंजर लिस्ट में उनका नाम 65वें नंबर पर दर्ज है। हादसे के वक्त विमान में कुल 230 यात्री और 12 क्रू मेंबर्स मौजूद थे। इसमें 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई नागरिक शामिल थे।
डीएनए सैंपलिंग और शवों की पहचान जारी
अब तक हादसे में 265 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें से 241 विमान में सवार थे और 5 मेडिकल हॉस्टल से। मृतकों की शिनाख्त के लिए डीएनए सैंपलिंग प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मेडिकल हॉस्टल में भी 5 की मौत
जहां विमान गिरा, वह हॉस्टल उस समय छात्रों और स्टाफ से भरा हुआ था। रिपोर्ट्स के अनुसार, 4 MBBS छात्र और एक डॉक्टर की पत्नी की मौत की पुष्टि हुई है।
अब तक हादसे में 265 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें से 241 विमान में सवार थे और 5 मेडिकल हॉस्टल से। मृतकों की शिनाख्त के लिए डीएनए सैंपलिंग प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मेडिकल हॉस्टल में भी 5 की मौत
पीएम मोदी ने किया घटनास्थल का दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार सुबह अहमदाबाद पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और फिर सिविल अस्पताल में घायलों से मुलाकात की। उन्होंने हादसे पर गहरा दुख जताया और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
परिवार का दर्द: “हमारी छोटी बहू चली गई”
हरप्रीत के ससुर हरजीत सिंह होरा ने कहा, “हमारे फैमिली वॉट्सएप ग्रुप में सभी ने उसे शुभकामनाएं दी थीं। किसी को क्या पता था कि वह आखिरी संदेश होगा।”




