इंदौर। देशभर में जल संकट की बढ़ती चेतावनी के बीच इंदौर ने एक बार फिर सतर्कता और भागीदारी की मिसाल पेश की है। शुक्रवार को शहर में ‘इंदौर जल गंगा अभियान’ के तहत महापौर पुष्यमित्र भार्गव के नेतृत्व में एक विशाल मानव शृंखला बनाई गई जिसमें हजारों नागरिकों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में ‘जल है तो जीवन है’ का नारा बुलंद करते हुए नागरिकों ने रणजीत हनुमान मंदिर से लेकर महाराणा प्रतिमा तक हाथों में हाथ डालकर एकजुटता दिखाई। इस अवसर पर प्रतीकात्मक रूप से प्रस्तुत ‘उल्टी छतरी’ ने वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने का संदेश दिया।
महापौर ने इस अवसर पर ‘जल गंगा रथ’ को भी रवाना किया जो शहरभर में जागरूकता फैलाएगा। यह रथ लोगों को रेन वॉटर हार्वेस्टिंग के तकनीकी पहलुओं, जल स्रोतों की मरम्मत और वर्षा जल के उपयोग की जानकारी देगा।
महापौर ने जानकारी दी कि नगर निगम ने अब तक शहर में 1.25 लाख से ज्यादा रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, 156 कुएं, 28 बावड़ियाँ और 16 तालाबों का गहरीकरण कराया है। यह सब प्रयास जल स्तर बनाए रखने और जल संकट से बचाव की दिशा में किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर एमआईसी सदस्य, पार्षदगण, नगर निगम अधिकारी और बड़ी संख्या में आम नागरिकों की भागीदारी रही। महापौर ने सभी से आग्रह किया कि वे जल संरक्षण को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं और अगली पीढ़ियों के लिए जल स्रोतों की रक्षा करें।




