महाकाल कावड़ यात्रा उज्जैन: उज्जैन में महाकाल कावड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने शिप्रा का जल अर्पित कर बोल बम और ओम नमः शिवाय के जयकारों से वातावरण भक्तिमय कर दिया।

गुरुवार को उज्जैन में महाकाल कावड़ यात्रा उज्जैन के आयोजन ने पूरे शहर को शिवमय कर दिया। रामघाट से महाकाल मंदिर तक की यात्रा में भक्तों ने “बोल बम” और “ओम नमः शिवाय” के घोष से पूरा वातावरण गुंजायमान कर दिया।
84 महादेव यात्रा की श्रृंखला में विशेष आयोजन
यह यात्रा उज्जैन के प्राचीन धार्मिक महत्व और 84 महादेव यात्रा की परंपरा को सहेजते हुए निकाली गई।
शिप्रा जल से अभिषेक का पुण्य अवसर
यात्रा की शुरुआत शिप्रा नदी में स्नान और पूजन के साथ हुई, जिसमें प्रमुख सामाजिक और धार्मिक नेता सम्मिलित हुए।
सामूहिक पूजन और आशीर्वचन
पं. हर्षवर्धन शास्त्री, पं. शुभम शर्मा, पं. अखिलेश चौबे सहित विद्वानों ने विधिवत पूजन संपन्न कराया।
राजनीतिक सहभागिता भी रही विशेष
शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी, पं. अजय शंकर जोशी, पार्षद सपना सांखला और अन्य नेताओं ने भक्तों के साथ सहभागिता की।
महाकालेश्वर मंदिर में शिव को जल अर्पण
कावड़ यात्रा का समापन महाकाल मंदिर परिसर में हुआ, जहां पं. शैलेंद्र शर्मा और पं. आकाश पुजारी ने भगवान शिव को शिप्रा जल अर्पित किया।
नगरवासियों का उत्साह और सहयोग
शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जल सेवा, फल वितरण और पुष्प वर्षा से श्रद्धालुओं का स्वागत हुआ।
शिवभक्ति का जीवंत उदाहरण
यह यात्रा उज्जैन के आध्यात्मिक चरित्र और सामूहिक भक्ति की अनूठी मिसाल है, जिसने सभी को एकत्र कर श्रद्धा में लीन कर दिया।
महाकाल कावड़ यात्रा न केवल धार्मिक भावना की अभिव्यक्ति है, बल्कि यह उज्जैन की जीवंत आस्था और समाज की एकजुटता का प्रतीक है।




