रतलाम जिले के जावरा में बीते वर्ष हुई बहुचर्चित 5 करोड़ की चोरी के मुख्य आरोपी को पुलिस ने अहमदाबाद से गिरफ्तार कर लिया है। यह आरोपी केवल चोरी के मामले में ही नहीं बल्कि हत्या, लूट और डकैती जैसे गम्भीर अपराधों में भी लंबे समय से वांछित था। इसके खिलाफ करीब 20 संगीन केस पहले से ही दर्ज हैं।

बुजुर्ग व्यापारी की दुकान से हुई थी करोड़ों की चोरी
यह घटना 16 सितंबर 2023 को हुई थी जब 65 वर्षीय प्रकाशचंद कोठारी, निवासी बजाजखाना जावरा, ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उनकी दुकान से रात में ताले तोड़कर सोने-चांदी के आभूषण और नगद राशि मिलाकर लगभग ₹5 करोड़ की चोरी हो गई है। पुलिस ने तुरंत मामले में IPC की धारा 457 और 380 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की।
पहले ही चार आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
जांच में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। इनकी पहचान गौरव रघुवंशी, गंगाराम उर्फ गंगु पारदी, देवेंद्र सोनी और सागर सोनी के रूप में हुई थी। ये सभी आरोपी गुना जिले के निवासी हैं। इनके पास से ₹31 लाख से अधिक के आभूषण और नकदी बरामद हुई थी।

10 हजार का इनामी पवन पारदी पकड़ाया
मुख्य आरोपी पवन उर्फ भुवन पारदी जो अहमदाबाद में छिपा हुआ था, उसे पुलिस ने विशेष तकनीकी सहायता और मुखबिर की सूचना के आधार पर दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया। पवन पारदी के खिलाफ पूर्व से ही हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, लूट और नकबजनी जैसे अपराधों में केस दर्ज हैं।
जांच में किया बड़ा खुलासा
थाना प्रभारी जितेंद्र जादौन ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने साथियों के साथ मिलकर करीब 150 किलो चांदी और 1 किलो 50 ग्राम सोना चुराया था। यह सारा सामान पांच बड़े बैगों में भरकर ले जाया गया और बाद में आपस में बांट लिया गया।
चोरी के जेवरात ज़मीन में दबा रखे थे
आरोपी की निशानदेही पर उसके घर के पीछे जमीन की खुदाई की गई, जहां से भारी मात्रा में चोरी का सामान बरामद हुआ। चांदी की पायजेब, बिछिया, कंदोरा, कड़े, चेन और हाथ की चूड़ियों समेत कुल 2 किलो 58 ग्राम आभूषण जब्त किए गए। इनके अलावा नकदी भी मिली जिसकी कीमत करीब 2 लाख 25 हजार रुपए आंकी गई है।
अभी भी फरार हैं कई आरोपी
पुलिस को संदेह है कि इस संगठित गिरोह में और भी सदस्य शामिल हैं जो अभी फरार हैं। जिनके पास चोरी का शेष माल हो सकता है। पुलिस की टीम अब भी इनकी तलाश में अलग-अलग स्थानों पर दबिश दे रही है और तकनीकी साधनों के जरिए उनकी गतिविधियों पर नजर रख रही है।
पारदी गैंग का संगठित नेटवर्क
जांच में यह बात भी सामने आई है कि पवन पारदी एक ऐसे पारदी गिरोह का हिस्सा है जो कई राज्यों में सक्रिय है। खासकर मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात में इनका नेटवर्क फैला हुआ है। ये लोग सुनियोजित ढंग से व्यापारियों और ज्वेलर्स को निशाना बनाते हैं।
पुलिस का सख्त संदेश
रतलाम एसपी अमित कुमार ने साफ कहा है कि जिले में किसी भी संगठित अपराध या गैंग को पनपने नहीं दिया जाएगा। इस तरह की वारदातों के खिलाफ पुलिस की विशेष टीमें निरंतर कार्य कर रही हैं। जनता को भी चाहिए कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
यह गिरफ्तारी पुलिस की सतर्कता, सटीक रणनीति और तकनीकी दक्षता का प्रमाण है, जिससे एक संगठित अपराध की गुत्थी सुलझाई गई और जावरा की जनता को न्याय मिला।




