जबलपुर, सिंधी कैंप क्षेत्र में सोमवार शाम को एक हैरान करने वाली घटना सामने आई, जहाँ दो नाबालिग लड़कों ने तेज रफ्तार से स्कूटी चलाते हुए एक राहगीर महिला को टक्कर मार दी। इसके बाद दोनों बच्चे खुद सड़क पर गिर पड़े। वहीं, पीछे से आ रहे पानी के टैंकर ने तुरंत ब्रेक लगाकर बड़ी दुर्घटना को टाल दिया।
कौन थे बच्चे और क्या हुआ?

सिंधी कैंप के रहने वाले 13 वर्षीय आशु चौधरी पिता धर्मेंद्र चौधरी स्कूटी चला रहे थे, जबकि 12 वर्षीय आर्यन चौधरी पिता मनीष चौधरी पीछे बैठे थे। वे दोनों शाम करीब 6 बजे तेज गति से सिल्वर रंग की एक्सेस स्कूटी (MP20-ZJ-6933) पर निकले थे।
घटना के बाद क्या हुआ?
टक्कर लगने के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विजय रजक ने घायल बच्चों को तुरंत निजी अस्पताल पहुंचाया। टक्कर लगने से सदमे में आई महिला को भी सुरक्षित उनके घर छोड़ा गया।
कैसे टली बड़ी दुर्घटना?
सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि बच्चे महिला को टक्कर मारने के बाद सड़क पर गिर गए। उसी समय पीछे से पानी का टैंकर तेज रफ्तार में आ रहा था, लेकिन चालक ने वक्त रहते ब्रेक लगा दिए, जिससे बच्चों की जान बच गई। अगर ऐसा नहीं होता, तो हादसा गंभीर हो सकता था।
एएसपी सोनाली दुबे का बयान: परिजनों पर होगी कड़ी कार्रवाई
जबलपुर की एएसपी सोनाली दुबे ने इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि नाबालिग बच्चों को बिना अनुमति वाहन चलाने देना अत्यंत खतरनाक है। उन्होंने साफ कहा कि बच्चों की लापरवाही न सिर्फ उनकी अपनी जान को जोखिम में डालती है, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों के लिए भी खतरा बनती है।
एएसपी ने बताया कि जिले में नाबालिगों द्वारा गाड़ी चलाने पर विशेष अभियान चलाया जाएगा। ऐसे मामलों में बच्चों के परिजनों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और वाहन जब्त भी किए जाएंगे।




