सतना की महिला ने अपने पति पर साढ़े तीन साल की बेटी को जबरन साथ ले जाने का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। कोर्ट ने गृह सचिव और सतना एसपी समेत पांच को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
जबरन बच्ची को लेकर भागा पिता, मां ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया
मध्यप्रदेश के सतना जिले की एक महिला ने अपने पति के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता का कहना है कि उसका पति उसकी साढ़े तीन साल की बेटी को जबरन साथ ले गया है और स्थानीय पुलिस कोई मदद नहीं कर रही।

क्या है पूरा मामला?
सतना के रीवा रोड निवासी मेघा नाम की महिला ने कोर्ट को बताया कि वह 20 मार्च 2025 को अपने पति राहुल और बेटी के साथ बाजार गई थी। कार में बैठी बच्ची को वहीं छोड़कर वह दुकान पर सामान लेने गई थीं। जब वह वापस लौटीं, तो न तो कार थी, न पति और न ही बच्ची।
मेघा ने तुरंत राहुल को कॉल किया, लेकिन उसने साफ कह दिया कि वह बच्ची को लेकर चला गया है। इस अप्रत्याशित घटना से आहत मेघा ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज करवाई, पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
पुलिस कार्रवाई से नाखुश महिला पहुंची हाईकोर्ट
मेघा का कहना है कि उन्होंने मामले की जानकारी सतना एसपी को भी दी, लेकिन वहाँ से भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अंततः उन्होंने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की। याचिका के जरिए उन्होंने अपनी बेटी को तत्काल वापस दिलवाने की मांग की है।
कोर्ट ने गृह सचिव और पुलिस अफसरों को भेजा नोटिस
गुरुवार को इस मामले में हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच में प्रारंभिक सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आदित्य पचौरी और राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता प्रभानशु शुक्ला मौजूद रहे।
जस्टिस अंचल कुमार पालीवाल और जस्टिस दीपक कुमार खोत की खंडपीठ ने गृह सचिव, सतना एसपी और कोतवाली थाना प्रभारी समेत पांच अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
अगली सुनवाई 9 जून को
कोर्ट ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए अगली सुनवाई के लिए 9 जून की तारीख तय की है। तब तक सभी पक्षों को अपना जवाब प्रस्तुत करना होगा।






