भोपाल में वेतन ना मिलने से कचरा कलेक्शन पर असर, कर्मचारी हुए नाराज

भोपाल में शुक्रवार सुबह डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन करीब डेढ़ घंटे के लिए बंद रहा। इसका कारण था सफाई कर्मचारियों और वाहन चालकों की सैलरी न मिलने की समस्या। वेतन नहीं मिलने पर ये कर्मचारी कचरा ट्रांसफर स्टेशनों पर गाड़ियां रोककर बैठ गए।

नगर निगम में काम करने वाले लगभग 6,000 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी हैं, जिनमें सफाई मित्र और वाहन चालक शामिल हैं। सामान्यत: इन्हें महीने की 10 से 12 तारीख के बीच वेतन मिलता है, लेकिन इस बार ईद के चलते वेतन की मांग पहले की गई थी, पर गुरुवार तक वेतन कर्मचारियों को नहीं मिला। इस वजह से शुक्रवार को उन्होंने कचरा उठाने से इनकार कर दिया।

इस प्रदर्शन की सूचना मिलते ही निगम प्रशासन ने कर्मचारियों से बातचीत की। डिप्टी कमिश्नर चंचलेश गिरहारे ने आश्वासन दिया कि वेतन आज दोपहर तक बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी। इस पर कर्मचारी माने और फिर से कचरा उठाने का काम शुरू किया।

इस कारण शहर के कुछ इलाकों में कचरा जमा हो गया और लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा। निगम प्रशासन को भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए वेतन भुगतान के समय में सुधार करने की सलाह दी जा रही है।

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